
आज प्रभु श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर मेरे सभी स्वजनो को हार्दिक बधाई देता हूँ । इस अवसर पर मेरी स्वरचित स्तुति आपके समक्ष इस आशा के साथ प्रस्तूत कर रहा हूँ कि हमारे बाल गोपाल जी का आशीष सदैव हम पर बना रहे—
नंद के लाल बाँके बिहारी लाल
करत मैया संग नटखट लीलायें बाल
कहाए प्रभु लालों के लाल लड्डू गोपाल
धरा पर जन्मे बन पापियों के काल
कान्हा है तुमरा नाम जपत पल पल हरी नाम
राधा संग रास रचाएं हमरे श्याम
बाँके बिहारी हो कृष्ण मुरारी हो
संसार के पालनहार तुम श्रष्टि सम्पूर्ण सारी हो
दीन दयाल जशोदा के लाल
यूगान्तकारी त्रिलोकधारी
करते शेष नाग की सवारी
माखन चोर चित चोर
राधा के मन मोर
गोपियों संग रास करते देते दुनिया को गीता ज्ञान
है बाँके बिहारी सदा रहो हमरे मन अंतर्ध्यान
भक्तन पर सदा करो कल्याण मोर पंख मुकुधारी
तुमको कोटि कोटि प्रणाम नमन सादर ए जग बलिहारी
जय बोलो बाँके बिहारी लाल की
संदीप सक्सेना
जबलपुर म प्र













