
मन में आशाओं के दीप जलाना।
बन्दे तुम सदा आगे बढ़ते जाना।
जीवन में बन्दे सब देते हैं धोखा।
तू जीवन में सबसे बचकर रहना।।
जीवन पथ सब यहां होएं ओखा।
मानुष समय अपना मत गंवाना।।
संघर्ष से ही तुझे मिलेगी मंजिल।
तू संघर्ष बन्दे जग में करते रहना।।
जीवन में तूं मेहनत कर आगे बढ़।
करें कर्म गाते गीत उसके जमाना।।
बन्दे सत्य अहिंसा के पथ पर चल।
आशा के दीप जला सुंदर खजाना।।
जीवन पग पर सबको मिलते काॅंटे।
कॉंटो पर चलकर तुम मंजिल पाना।।
चुनौती,विश्वास,साहस,सत् कर्म रत्न।
तू बन्दे बस खुद का घर इनमें बसाना।।
सुनील कुमार “खुराना”
नकुड़ सहारनपुर
उत्तर प्रदेश भारत













