
जय जय शिव शंभू नमन आपको हे महेश
करते कल्याण ही सदा तुम हो जटा शेष
नीलकंठधारी त्रिपुरारी यूगान्तकारी आप हो गौरापती
तांडव एक करते नाश धरा का जब पाप होते अति
योगाचारी अर्धनारीश्वर आदि देव अनंत के कृति
पूज्य आप नाम से गौरापती
आपको मेरा नमन काशी पीठाधीश्वरपती
माँ आदिशाक्ति के पति
जग मे पावत नाम गोरापती
स्वरचित एवं मौलिक
संदीप सक्सेना
जबलपुर












