
हे महादेव ,,,कहाँ हो तुम ?
बहुत परेशान सा हूँ मै,
मन मे बहुत ही बैचेनी है,भोले बाबा
कृप्या,मेरी मदद करे भोले बाबा,
महादेव,,उलझ सा गया हूँ जीवन मे
सुलझा नही पाता हूँ, खुद मे,
अब तो,तेरे ही एक सहारे है,
कृपया,मेरी मदद करो भोल बाबा
दुनिया ये जो,तुने बनाये हो,
शायद,ये मेरे लिए नही है ।
जिधर भी देखता हूँ, भोले बाबा
सब एक दुसरे को नीचा दिखाते है ।
क्या अपना,क्या पराया,?सब झगड़ते हैं ।
वो कहता है तुम मेरे हो
मेरे ही होकर रहो,
ये कहते है,तु मेरे कुछ नही
जाकर उसके पास ही रहो,
लेकिन मेरे को ,कोई नही सुनता?
ये कैसी दुनिया है ,महादेव::
समझने वाला कोई नही दिखता
सब समझाने मे ही लगे है
अब बोलो भला,ये कैसे होगी भला?
इस उलझन को सुलझाओ महादेव,
कृप्या मेरे मदद कर अब, देवो के देव,
मेरे पीड़ा को समझो,महादेव::
चुन्नू साहा पाकूड झारखण्ड












