
करें कि पे यकीन हम
जिसे ना देखा है,,।
सुना है फकत उसको कहानी किस्सों में , ,,।।
है वो मौजूद हर एक,,
एक के दिल में ,, ।
किया महसूस उसे
सब ने अपने ही गम में,,
दिख ता ये जो कुछ भी
सब नजारा है उसका ।
करता है वो सभी कुछ
पर कभी ना वो दिखता,,
जिंदगी है और मौत
उसी के हाथों में,,,।
है वो परवरदिगार,,सबका
सभी में वो दिखता,, ,।।
कोई कह ता उसे रब
तो कोई खुदा भी कहता।
रहता सब में हरदम,,
सभी का वो बनकर,,,,।।
वो यार है, रहबर है , ,,
है वो ही ,, रूह मेरी ।
क्या बताऊं मैं उसे
है वही ,,मेरा हमदम।।
करें किस पे यकीन हम
जिसे ना देखा है,,,,।
सुना है फकत उसको
कहानी किस्सों में,,,,।।
राजेंद्र कुमार तिवारी मंदसौर, मध्य प्रदेश












