Vijay Kumar
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साहित्य
जिस दिन उनसे मुलाक़ात होगी
जिस दिन उनसे मुलाक़ात होगी,इशारों में बात होगी।मुलाक़ात में वो होंगी या नहीं,मगर वो मेरे साथ होगी। नज़रों से नज़रें…
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साहित्य
मेरे ख्यालों में सिर्फ तुम
अभी तो मैंने आपकेलफ्जों में समेटी हूं अभी तो मेरे पूरे वजूद मेंआपका सफर बाकी है! जिसे आप मेरी शायरीसमझते…
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साहित्य
गणित जीवन का
जीवन का गणित भी बडा अजीब सा खेल हैयह अंकगणित नही बीजगणित सा चलता हैयाद करना और याद आना दोनों…
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साहित्य
पुरुषोत्तम मास
वो तेरहवाँ महीना आया,पंचांग ने ओढ़ा काला साया;साल के हिसाब से जो बढ़ा,ऐसा महीना जग को न भाया। गणना कहे…
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साहित्य
योग और ध्यान
सूर्योदय से पूर्व उठो तुम,नित्य नेम से होय निवृत्त।खुली हवा में जाकर कीजे,योगासन, व्यायाम सुचित्त।। कम्बल, कुशा, घास का आसन,जिससे…
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साहित्य
सिमट के रह जाती है यारों जिंदगी
सिमट के रह जाती है यारों जिंदगी,जब कोई अपना नजर नहीं है आता|दिल टूट ही जाता है अक्सर दोस्तों,जब कोई…
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साहित्य
कविता
जिंदगी हर कदम एक नई जंग हैधर्म सदा ही अधर्म से लड़ा, धर्म कि रक्षा करने में अपने ही खून…
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साहित्य
दशमहाविद्या व आषाढ़ गुप्त नवरात्रि
1. आषाढ़ गुप्त नवरात्रि : स्वरूप, इतिहास एवं महत्त्व सनातन धर्म में वर्षभर चार नवरात्रियाँ मनाई जाती हैं—चैत्र, आषाढ़, आश्विन…
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साहित्य
लघुकथा – – पिंजरा
पीठ पर टांगे पिट्ठूक बेंग, हाथों में चलती सुटकेस (ट्राली बेंग चके वाली) काँधे पर झूलता एक बड़ा झोला, यात्रा…
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साहित्य
बाबा विश्वनाथ की नगरी में ‘गंगांजलि’ साझा काव्य संग्रह का भव्य लोकार्पण
वाराणसी।बाबा विश्वनाथ की पावन धरती पर आयोजित ‘बाबा श्री काल भैरव कवि सम्मेलन व सम्मान समारोह’ में साझा काव्य संग्रह…
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