Vijay Kumar
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साहित्य
रब ने बनाई इतनी सुंदर जोड़ी, बरसे इस पर सदा प्यार।
जुलाई का एक दिन है ख़ास, जिसका रहता बेसब्री से इंतज़ार, दिल की गहराइयों से दुआ है, खुशियों से महके…
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साहित्य
जब-जब बादल धरती से मिलने आते हैं,
जब-जब बादल धरती से मिलने आते हैं,सूखी आँखों में भी सपने मुस्कुराते हैं। बारिश केवल पानी की बूँदें नहीं होती,यह…
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साहित्य
कविता
अगर दिल भी मिले दिल से नई पहचान हो जाए,खिले विश्वास का उपवन, ये मन गुलदान हो जाए। मिटे दुर्भाव…
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साहित्य
तुम रूठ जाओ ना
तुम रूठ जाओ ना, मैं मना लूँगा,तेरी बिखरी ज़ुल्फ़ों को सजा दूँगा।नयना तेरे हैं दीपक की बातियाँ,प्यार से उनमें काजल…
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साहित्य
आदमी मुसाफ़िर है
कभी कभी आदमी दो राहे पर खड़ा होकर सोचता हि रह जाता है न इधर को ,न उधर कोहम जाएं…
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साहित्य
मन के दोहे
” वंदन है माँ शारदे ,मिले बुद्धि वरदान।करती सबका मान फिर,मिले मुझे भी मान।।सेवा करुणा अरु दया,मानवता का भान।रिश्तों से…
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साहित्य
पुष्पों की सुगंध (गीत)
पुष्पों की सुगंध बिखेरे, जीवन हो मधुमय प्यारा,प्रेम, दया, सद्भाव जगाएँ, यही प्रकृति का है नारा। भोर सुनहरी जब मुस्काए,…
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साहित्य
मनुष्य की बुद्धिमत्ता
जो हैवान था उसको भगवान् बना दियाजो सचमुच भगवान् था उसको हैवान बना दियावाह रे फितरत ए दुनियाँ तेरीअच्छी खासी…
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साहित्य
एक वक्त के बाद
एक वक्त के बाद सब ठहर सा जाता है! शब्द फुसफुसाहट से रह जाते है और आवाज मौन की चीख़-पुकार।।…
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साहित्य
मातृभूमि
मातृभूमि में होता मार्मिक शक्तिकई जाती धर्मों की अपार भक्तिभिन्नत्व में एकत्व का महान शक्तिसब केलिए आवश्यक देश भक्ति। मातृभूमि…
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