Vijay Kumar
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साहित्य
वतन का मान करते हैं तो ये नफ़रत कैसे
अगर वो यहीं के हैं तो उन्हें ये डर कैसे,चोरी से घुसे हैं तो ये उनका वतन कैसे,वतन का मान…
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साहित्य
राधाष्टमी
राधा रानी…प्रेम ,त्याग ,समर्पणइंतजारसाथ होकर भीसाथ ना होने कीसजा…ख़ुद को खोकरबस उसकाहो जाना..प्रतीक्षा ठूठ जैसीचाहें धरा हरी..पूजे सारा जहाँदामन खाली.समुंदर…
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साहित्य
अस्तित्व से विस्तार तक की यात्रा
किसी नदी को देखकर कभी-कभी लगता है—आखिर उसके भीतर ऐसा क्या है जो उसे लगातार बहने के लिए विवश करता…
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साहित्य
नन्हे सपनों के पंख
नन्हे-नन्हे पाँव हमारे,सपने हैं आकाश किनारे।आँखों में उजियारा लेकर,चल पड़े हम जग को जीतकर।सूरज हमको रोज़ सिखाता,उठो, नया हर दिन…
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साहित्य
परम भक्ति की पराकाष्ठा है राधा
कविता वैष्णव परम्परा का बड़ा नाम है राधा।आध्यात्मिक सत्य का रूप है राधा।। परम आनंद और प्रेम की ऊर्जा है…
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साहित्य
राधा अष्टमी
राधा अष्टमी का पावन त्योहार,भादों अष्टमी की महिमा अपार।घरों में रहता उत्सव-सा माहौल,बरसाने में आती खुशियों की बहार। राधा कृष्ण…
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साहित्य
श्री राधा अष्टमी
वृषभानु तनुजा सुभग, कीरति-माता प्यारी।श्याम-मुखी संग प्रेम कथा, सब पर छाई सारी।। मधुबन महका प्रेम रस, बहे रसमय गाथा।बिना राधा…
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साहित्य
क्षरण
धीरे धीरे क्षरणदेह का देख रहें हैंजीवित ही हम मरणदेह का देख रहें हैं जन्मों के संजालकाल से हैं डँसतेकर्मों…
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साहित्य
ग़ज़ल
वो कदरदान दोस्ती के हैं।जो मददगार हर किसी के हैं। वो हमेशा मिलेंगे मुस्काते,जो तलबगार हर ख़ुशी के हैं। टिमटिमाते…
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साहित्य
सफ़र अल्फा़जों का
जिंदगी का सफर अल्फ़ाजों पेटिकी हैहमारी जिंदगी में अल्फाजों का बहुत महत्व हैसफल अल्फ़ाज़,जो दिल से निकलते हैंवही अल्फाज हमारे…
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