Vijay Kumar
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साहित्य
हास्य व्यंग्य
वाई-फाई का वरदान मैंने सारे पुराणों को, गूगल पर पढ़ा,बात लेकिन समझ में, वाई-फाई से आयी नहीं।द्रौपदी को तो चीर,…
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साहित्य
सच का हौसला
सच ऊँची आवाज़ नहीं करता,वह बस अपने प्रकाश में चलता है।झूठ की भीड़ चाहे जितनी शोर मचाए,सच समय पर अडिग…
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साहित्य
बरसते रहे बनकर बादल
पूर्णिका प्रारम्भी नेह:-बरसते रहे बनकर बादल, शहर भर में दीवानों की तरह।तुम ना निकले सनम ,बारिश में कीमती सामानों की…
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साहित्य
याद
विधा : कवितामुझे बखूबी याद यह जहाॅं तक ,शादी समारोह में मिली थी तुम ।इंतजार था मुझे कहीं मिलोगी ,किंतु…
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साहित्य
पूर्णिका- हिंदी भाषापरिवर्तनीय- आन, स्थानीय- है
प्रारंभी नेह:हिंदी है हम, हिंदी भाषा ही, हमारी पहचान है।संजोकर रखना है इसको, यह भारत का अभिमान है।१। सारा जग…
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साहित्य
रिश्ते
बच्चे तो यह पूछने, कितना दोगे माल।रिश्ते नाते खोखले, सिक्के चलते चाल।।अंतस का कम हो गया, अपनों में विश्वास।नोटों की…
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साहित्य
कल्प भेंटवार्ता में रणथंभौर जल जौहर स्मृति दिवस पर वीरांगनाओं को किया गया नमन
नवोन्मेषी साहित्यकार प्रियंका माथुर कल्प भेंटवार्ता पत्रम से सम्मानित। प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित कल्पकथा…
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साहित्य
प्रभाती वंदन के साथ चंद दोहा मुक्तक
प्रात काल माँ नाम ले, सभी बनेंगे काम।रूप चमत्कारी बड़ा, सुख देती अविराम।लगता सुधा समान है, मांँ का सच्चा ज्ञान,जो…
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साहित्य
नगीना सांसद चन्द्रशेखर आजाद।।
पिता जिनके गोवर्धन दास हैं,उनकी माता कमलेश बाई हैं।चन्दरशेखर आजाद उसका नाम है,रावण ‘विरोध’ उसकी पहचान है।। नगीना से वो…
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साहित्य
बेवफाई का दवाई मांग रहा हूँ
शिकायत कर रहा हूँ न लड़ाई कर रहा हूँबस तेरी बेवफाई का दवाई मांग रहा हूँकैसे मैं जिऊंगा तुमसे ए…
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