Vijay Kumar
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साहित्य
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
“युक्ताहारविहारस्य युक्तचेष्टस्य कर्मसु।युक्तस्वप्नावबोधस्य योगो भवति दुःखहा॥”— श्रीमद्भगवद्गीता (अध्याय 6, श्लोक 17) अर्थ: जो व्यक्ति अपने आहार, विहार, कर्म, निद्रा और…
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साहित्य
धन्य हूँ मैं…
परमपिता तो मेरे भोलेनाथ हैं,जिनकी छाया में सारा संसार है।पर इस धरती पर जिन्होंनेउनका मार्ग दिखाया,वे मेरे माता-पिता हैं—यही मेरा…
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साहित्य
योग बिन काया मैली है
योग एक जीवन शैली है,योग बिन काया मैली है।योग एक जीवन दर्शन है,योग आत्म आकर्षण है।। पतंजलि योग जनक महान,योग…
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भीड़ में भी मन अकेला
आज आपाधापी की जिंदगी मेंसभी दौड़ लगा रहे हैंसच ,ये कैसा है जीवनआज नहीं किसी को फुर्सतएक दूसरे से बात…
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साहित्य
योग- रूह की राहत
योग महज़ जिस्म की हरकत नहीं,रूह की राहत का पैग़ाम है। जब फ़िक्रों का शोर बढ़ जाए,योग सुकून का एक…
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अधजल गगरी छलकता जाए
“भरी गगरिया चुपके जाएअधजल गगरी छलकत जाए”अधजल गगरी छलकत जाए का अर्थ है की अल्प ज्ञान वाला व्यक्ति अधिक दिखावा…
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पिता का प्यार
पिता वो दीपक हैं जो राह दिखाते हैं,अंधेरों में भी उम्मीद जगाते हैं। अपनी खुशियाँ पीछे छोड़ जाते हैं,हमारे सपनों…
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पिता
वो हाथ जो मेरे सिर पर फिरता था,खुरदरा था, पर उसमें जग भर का प्यार था।कभी बोला नहीं, “थक गया…
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अंतराष्ट्रीय योग दिवस
आज जो हम मना रहे अंतराष्ट्रीय योग दिवस |यह तो हैं एक चिंगारी का ही कमाल |जिसने मचा रखा हैं,…
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अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस
भोग विलास के दौर हैचऊं ओर ही भौतिकता का जोर है मन की चन्चलता पर मनुष्य मजबूर हैसादा जीवन उच्च…
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