
आज जो हम मना रहे अंतराष्ट्रीय योग दिवस |
यह तो हैं एक चिंगारी का ही कमाल |
जिसने मचा रखा हैं, सारे विश्व में धमाल |
मंजू की लेखनी बताती सबको,
यह तो बन गई जैसे कोई मिसाल |
एक चिंगारी की तरह हमारे बीच,
योग की बात थी कभी आई |
वही चिंगारी पुरे विश्व में,
आग की तरह फैलती नजर आई |
इस योग की एक चिंगारी ने,
हवन कुंड की ज्वाला हैं भड़काई |
उस ज्वाला में दुनियाँ भर ने,
अपने रोगों की आहूति हैं चढ़ाई |
यह एक चिंगारी सारे रोगों को,
जलाकर खाक करती आई |
इस एक चिंगारी में छिपी है ढ़ेरों अच्छाई |
जिसने घर जलाने के लिए नहीं,
जीवन बचाने के लिए है आग भड़काई |
तभी तो आज योग दिवस,
मनाने की बात दुनियाँ भर से है आई |
आप सभी को अंतराष्ट्रीय योग दिवस की बहुत-बहुत बधाई ||
मंजू अशोक राजाभोज
भंडारा ( महाराष्ट्र)













