Vijay Kumar
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साहित्य
पहचान
मां ने जीना सिखाया ,तो पिता ने जीने का मतलब बतलाया,मां ने प्यार दिखाया,तो पिता ने प्यार का सही दायरा बतलाया ।…
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साहित्य
शीर्षक : योग से निरोगी काया
योग-सुधा का पान कर,तन-मन हो बलवान।रोग-दोष सब दूर हों,मिले नव जीवन-ज्ञान।। प्राणायाम की शक्ति से,जागे नव उत्साह।नित्य योग-अभ्यास से,मिटे तनाव…
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साहित्य
रेत, दरिया और किनारा
रेत —सिर्फ रेत नहीं होती,वह टूटे हुए समय की राख़ होती हैउन सपनों की धूलजिन्हें हवाओं नेअपनी मनमानी में उड़ा…
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साहित्य
अनमोल खजाना हो पापा
अनमोल खजाना हो पापा,संस्कार और विश्वास के नींव हो पापा,बच्चों के खुशियों में खुश होजाते हो पापा,प्यार भरी खुशियों का…
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साहित्य
औरंगाबाद बिहार से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सुनील कुमार खुराना सहारनपुर “योग दिवस सहभागिता सम्मान 2026 से सम्मानित”
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नकुड़ सहारनपुर निवासी कवि सुनील कुमार खुराना को राष्ट्रीय कवि स्पर्श मंच द्वारा “योग…
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साहित्य
गर्मी की छुटियाँ और बालपन
छुट्टियों का सदुपयोग करेंननिहाल का रुख करें कूलर की ठंडी हवा का भरी दोपहरी आनन्द लेँइस कूलर मे सारा दिन…
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साहित्य
ढाई अक्षर
प्रेम के ढाई अक्षर लिख लिए हैं मैंने,जीवन जीने के लिए गीत लिख लिए मैंने।स्याही से कागज़ पर नाम तुम्हारा…
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साहित्य
योग : जीवन का सार
योग है जीवन का सार,योग बिना जीवन लाचार।योग से जीवन निखरता है,योग से तन-मन संवरता है। योग है हम सबका…
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योगा से महत्व
मानव जीवन अनमोल होता हैइसे सुबह उठकर योग करना हैयोगा से एकाग्रता बढ़ जाता हैऔर मानसिक शक्ति बढ़ती है। योगा…
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साहित्य
जिंदगी के कुछ महत्वपूर्ण बातें
गैरों से क्या हम सावधान रहेंगेःअब तो अपनों से ही डर लगता है। क्योंकि अपनों ने ही ऐसी चाल चली…
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