Vijay Kumar
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साहित्य
मां मेरा ब्रह्मांड
मां मेरे लिए कोई शब्द नहीं वह पूरा का पूरा ब्रह्मांड है। त्रिदेवों की छवि उसमें! मां दुर्गे सी शक्ति…
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साहित्य
गुण-दुर्गुण
क्षमाशील जो जनउच्चतम महान क्षमा भाव ये गुणगुण पूर्वजन्म के कर्मों का फलक्षमाशील नहीं जो जनसामाजिक समरसता से वंचितये ही…
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साहित्य
तुम्हें प्यार बहुत है मुझसे,
तुम्हें प्यार बहुत है मुझसे, एक बात कहुँ मैं तुमसे।सुनो, क्या साथ मेरा तुम दोगे?थक जाऊ गर किसी राह पर…
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साहित्य
कल्प भेंटवार्ता मंच से ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना के शौर्य का वंदन।
दमोह की वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती चंद्रा नेमा कल्प भेंटवार्ता पत्रम से सम्मानित। प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा…
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साहित्य
ग़म के गीत गाये जा
ग़म के गीत गाये जा, ग़म के गीत गाये जा।हर कदम फूँक फूँक रख,पग पग पै आँसू बहाय जा,हर रोज़…
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साहित्य
मातृदिवस की बधाई
मातृदिवस हैं आज मनाते,माँ की प्यारी प्यारी यादों में,जीवन में है सबसे प्यारी माँ,सबसे सुंदर सबसे न्यारी माँ। पाला, पोषा…
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साहित्य
मातृ दिवस पर मेरी कविता
माँ तेरे आँचल का सहारा चाहिए।आशीष भरे हाथों का आसरा चाहिए। बिखरे हैं जो मेरी आँखों से मोती।उन्हें समेटने को तेरी…
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साहित्य
देश का गुणगान
देश का अन्न खाते हो,तो उसका गुणगान ज़रूरी है।जिस पावन मिट्टी ने जीवन दिया,उस मिट्टी का सम्मान ज़रूरी है।यह राम…
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साहित्य
इश्क़ विश्क
तू इश्क विश्क जडा कैंदा ए, ए इश्क दी आदत पायी नरूह तक जख़्मी कर देंदी ए पैडी आदत लगाई…
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साहित्य
व्यर्थ की चिंता क्यों करो
जिंदगी है चार दिनखुशियों से इसे भर लोतेरा मेरा के चक्कर मेंव्यर्थ की चिंता क्यों करो।जग में जब आये हैतो…
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