Vijay Kumar
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साहित्य
गुरुदेव का प्रकाश
शब्दों के जादूगर, भावों के ज्ञानी,गुरुदेव तुम थे भारत की कहानी।गीतों में गूँजी आत्मा की पुकार,तुमसे ही सजा साहित्य का…
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साहित्य
माँ
विधा- काव्य माँ- जीवन उसका सफल होता जहाँ माँ का वास होता हैअंगारों से तपती रूह को शीतलता का अहसास…
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साहित्य
आंखों में समन्दर
आंखों का समंदर कैसा अजीब समंदर हैयह ऐसा समंदर जिस नाप न सके कोई, ना इनका ओर न छोरहर बूंद…
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साहित्य
राष्ट्रगान के रचयिता, नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर
आओ सुनाएं गुरु टैगोर जी की कहानीसुनी थी जो मैं औरों की जुबानीएक महान भारतीय कवि, संगीतकार और समाज सुधारक…
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साहित्य
बिनु पद चलई सुनई बिनु काना।
बिनु पद चलई सुनई बिनु काना।कर बिनु करम ,कर ई विधि नाना।।आनन रहित सकल रस भोगी,।बिनु बानी बकता बड़ जोगी।।तन…
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साहित्य
दर्पण में दरार
दर्पण में जब पड़ी अचानक, इक गहरी-सी दरार,टूट गए कुछ स्वप्न पुराने, बिखर गया संसार। चेहरे तो सब वैसा ही…
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साहित्य
नवव्याहता के संग,वार्तालाप
विवाह बंधन के प्रथम दिवस में,पत्नी के संग थे एकांत वास मे,भ्रमण को निकले थे, उपवन मे,बसंती बयार लगी थी…
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साहित्य
रक्तदान महादान
मानव जीवन मूल्यवान होता हैसुख और दुखों से भरा जाता हैनिरंतर जीवन में उलझन आता हैइसे बीमारी फैलने का संभव…
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साहित्य
मां मेरा ब्रह्मांड
मां मेरे लिए कोई शब्द नहीं वह पूरा का पूरा ब्रह्मांड है। त्रिदेवों की छवि उसमें! मां दुर्गे सी शक्ति…
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साहित्य
गुण-दुर्गुण
क्षमाशील जो जनउच्चतम महान क्षमा भाव ये गुणगुण पूर्वजन्म के कर्मों का फलक्षमाशील नहीं जो जनसामाजिक समरसता से वंचितये ही…
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