Vijay Kumar
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साहित्य
अंतराष्ट्रीय योग दिवस
आज जो हम मना रहे अंतराष्ट्रीय योग दिवस |यह तो हैं एक चिंगारी का ही कमाल |जिसने मचा रखा हैं,…
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अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस
भोग विलास के दौर हैचऊं ओर ही भौतिकता का जोर है मन की चन्चलता पर मनुष्य मजबूर हैसादा जीवन उच्च…
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योग चालीसा।।
आज २१जून को हम सब,विश्व योग दिवस मनाते हैं।स्वास्थ्य का हम पैगाम देकर,मन्नू विश्व को राह दिखलाते हैं।। योग सदैव…
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इंसान की शक्ल सूरत का क्या
हर इंसान दूसरे इंसान के लिये शायदअच्छा भी और बुरा भी हो सकता है,पर यह निश्चित है कि हर इंसान…
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पिता प्रेम
प्रेम पिता का सबसे प्यारा ,हमको लगता सबसे न्यारा झूठ मूठ का हम पर चिल्लाते ,नरमी नहीं कभी भी दिखाते।।…
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गंगांजलि साझा संग्रह राजेंद्र कुमार तिवारी को भेंट किया – कवि संगम त्रिपाठी
जबलपुर - गंगांजलि साझा काव्य संग्रह राजेंद्र कुमार तिवारी मंदसौर को उनके जबलपुर आगमन पर सौजन्य मुलाकात कर कवि संगम…
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पितृदेवाय नमः
पिता धर्मः पिता स्वर्गः पिता हि परमं तपः।पितरि प्रीतिमापन्ने प्रीयन्ते सर्वदेवताः॥ अर्थ : पिता ही धर्म हैं, पिता ही स्वर्ग…
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साहित्य
प्रभाती वंदन एवं योग दिवस की शुभकामनाओं के साथ चंद दोहा मुक्तक
प्राण तत्व भरती प्रभा, करिए उत्तम कार्य।उठकर प्रातः काल में,योग करो अनिवार्य।विमल चेतना प्राप्त कर, बढ़ो कर्म की ओर ,सत्पथ…
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साहित्य
ध्यान
पढ़कर किताबकरोगे क्या दोस्तदिल को तुमनेपढ़ा ही नहीं,आरती थालसजाकर करोंगे क्यासांवरे की मूरत कोदिल में गढ़ा ही नहीं।दुनिया का मेला…
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साहित्य
मैं एक पिता हूँ,
मैं एक पिता हूँ,ओम कश्यप मैं एक पिता हूँ,चुपचाप सब सह जाता हूँ,अपने सपनों को पीछे रखकर,बच्चों के सपने सजाता…
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