Vijay Kumar
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साहित्य
संसार में प्रभु आप हीसब के सहारे हो।
रतिरूप छंदमात्रा- 25मापनी-2212-2212-2212-22सृजन शब्द- संसार में प्रभु आप हीसब के सहारे हो। संसार में प्रभु आप ही सब के सहारे…
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साहित्य
पत्थर में बीज पड़े न उगता पेंड़ है
इच्छाएं वह अच्छी हैं जिनके लिएस्वाभिमान गिरवी नहीं रखना पड़ता है,मुश्किलों को अपनों के बीच रख दो,तभी तो कौन अपना…
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साहित्य
क्षमापना पर्व पर
वर्षभर के व्यवहार मेंकहीं मेरे शब्द कठोर हुए हों,कहीं मौन ने चोट पहुँचाई हो,कहीं अनजाने मेरा कोई व्यवहारआपके मन में…
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साहित्य
तप की अनुमोदना
जिस राह पर चलनाहमारे लिए केवल विचार है,उस राह पर तपस्वीअपने संकल्प से चलते हैं। अन्न से अधिक आत्मबल को,सुविधा…
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साहित्य
हिन्दी सम्मेलन मथुरा में हिन्दी सेवा भारती सम्मान कवियों साहित्यकारों को प्रदान किया जाएगा
जबलपुर – प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा द्वारा आयोजित दिनांक 27 सितंबर 26 को मथुरा में हिंदी सम्मेलन आयोजित है। प्रदीप…
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साहित्य
प्रभाती वंदन के साथ चंद दोहा मुक्तक
कहती हूंँ अति प्रेम से, गणपति लो संज्ञान।आए हो संसार में,श्रेष्ठ बनी पहचान।बढ़ा हुआ व्यभिचार है, उत्सर्जन पर रोक,करो व्यवस्था…
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साहित्य
हिंदी सेवा समारोह कार्यक्रम
12 सितम्बर को दिव्य गंगा सेवा मिशन के तत्वावधान में हिंदी सेवा समारोह कार्यक्रम के अंतर्गत ” उत्तर प्रदेश आचार्य…
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साहित्य
पाँच कदम, हिन्दी के उज्ज्वल भविष्य की ओर
विषय — हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने का मार्गरचना — मौलिक पहला कदम — हिन्दी के प्रति सम्मानहिन्दी भारत की प्रमुख…
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साहित्य
अंधियारे जीवन-पथ पर
अंधियारे जीवन-पथ परजब कोई दीप जलाता है,अपने हिस्से का उजियारादूजों में बाँट जाता है। नहीं चाहता नाम किसी का,नहीं चाहता…
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साहित्य
हिन्दी
हिन्दी हूँ भाषा रही ,जन जन की आवाज,संस्कृत मेरी माँ रही ;वेदो की जो तात!! गौरव मय इतिहास मेरा; गौरवमय…
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