Vijay Kumar
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साहित्य
सनातनी संस्कृति
दो आत्मा का पावन बंधन,जब बांधे भाग्य विधाता है।नारी सहधर्मिणी बन कर,जोड़ती नर संग नाता है।। जीवन भर साथ निभाने…
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साहित्य
विवाह — सनातनी संस्कृत
मंत्रों की मधुर ध्वनि में बसा,एक अनंत बंधन का गीत,अग्नि साक्षी, सात फेरे संग,जुड़ते दो जीवन अतीत से अतीत। ना…
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साहित्य
ख्वाबों का घर
एक छोटा सा घर हमने भी ख्वाबों मे खूब संजोया थाअपनों के बीच अपनों की ही दुनियाँ मे खोया था…
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साहित्य
अब दो आत्माएं
अब दो आत्माएंन रही जन्म-जन्म के बंधन ।अब दो जीवों की भावनाऐंएक दूजे को लिए बसये इच्छाओं का स्पंदन।ये कलिकाल…
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साहित्य
जिंदगी की खुद्दारी
ज़िन्दगी में बस यही एक काम ना हुआ,जी हुजूर, जी हुजूर और सलाम ना हुआ। बेच के जमीर सब बन…
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साहित्य
प्रेम विवाह, छुटकारा, बिखराव
आजकल शीघ्र प्रेम विवाह के साथशीघ्र पति-पत्नी के अलग होने कीपरम्परा का भी रिवाज चल रहा है,फ़िल्मी सभ्यता का विकास…
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साहित्य
कल्पकथा मासिक सम्मान समारोह जून २०२६ एवं २५२वीं साप्ताहिक काव्यगोष्ठी आयोजित।
नवाचार से प्रेरित हिंदी साहित्य के आयोजनों में देश विदेश के साहित्यकार सम्मानित प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की…
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साहित्य
शिक्षा का निजीकरण और अवाम पर इसका प्रभाव।
शिक्षा किसी भी समाज की रीढ़ होती है। यह न सिर्फ व्यक्ति का विकास करती है, बल्कि समानता और न्याय…
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साहित्य
पर्यावरण संरक्षण की बदलती रणनीति एवं इसका प्रभाव।
पर्यावरण अब सिर्फ ‘पेड़ लगाओ’ का नारा नहीं रहा। क्लाइमेट चेंज, ग्लेशियर पिघलना, बेमौसम बारिश और 50 डिग्री की गर्मी…
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साहित्य
यदि भला चाहते हो??
यदि भला चाहते हो?तो,सचमूच मे भला करो न?इधर उधर की बाते लाकरहमको भ्रमित मत करो न? जो कुछ तेरे मन…
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