Vijay Kumar
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साहित्य
उत्कर्ष प्रकाशन एवं राष्ट्रीय काव्य संग्रह मंच के संयुक्त तत्वावधान में पुस्तक लोकार्पण,सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन।
मेरठ : : बीती 16 मई को उत्कर्ष प्रकाशन एवं राष्ट्रीय काव्य संग्रह मंच मेरठ के संयुक्त तत्वावधान में पुस्तक…
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साहित्य
पिताजी
घर के नेताप्रेम बांटतारक्षा करतामार्ग दिखाताहमारे पिता श्रीनिवास! मित्र के रूपज्ञान के रूपधैर्य के रूपशक्ति के रूपहोते है पिता श्रीनिवास!…
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साहित्य
संगदिल ये दुनियाँ है
बड़ी ही संगदिल ये दुनियाँ हैकौन अपना कौन परायासमझ एक जनम ना आयादवा जिसने दी दर्द भी उसी से पायाकि…
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साहित्य
गरीबी
गरीबी, बेरोजगारी, पारिवारिक समस्याएँ, बीमारी और सामाजिक असमानता इंसान को मजबूरियों के ऐसे जाल में बाँध देती हैं, जहाँ वह…
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साहित्य
मोबाइल वाला रावण
घर में रावण एक नहीं, अब दस-दस निकले हैं।बच्चे, बूढ़े, जवान सब मोबाइल में फँसे हैं। सुबह उठते ही सबसे…
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साहित्य
पुरुषोत्तम मासः मल मास या अधिमास
हिंदू कालगणना में हर तीसरे वर्ष एक ऐसा महीना आता है जो कलियुग में भी सतयुग का अनुभव करा देता…
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साहित्य
ज़ख्मों की गहराई
ज़ख्म जो दिखते हैं, सिर्फ वो ज़ख्म नहीं होतेअसल में ज़ख्म वो होते हैं, जो मन में घाव कर जाते…
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साहित्य
जिंदगी की किताब
जिंदगी की किताब एक अनूठी कहानी हैजन्म से लेकर मरण तक मरण तक एक अद्भुत सफर हैजिंदगी हर पन्ने पर…
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साहित्य
अनुभव और उद्ग़ार बहुमूल्य हैं
जीवन के अनुभव से सीख मिली,मेरी कमियों ने नापसंद करवाया,उससे ज़्यादा नापसंद वो करते हैं,मेरी खूबियों ने जिनको दूर किया।…
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साहित्य
बचपन
वो बचपन की यादेंजब याद मुझे आती हैं,वो बचपन की यादें।दिल कहता है चल फिर,बचपन को जी ले।थोड़ा सा हँस…
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