Vijay Kumar
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साहित्य
प्रभाती वंदन के साथ चंद मुक्तक
एक बार शनिदेव सुनो तुम,फिर संघार दुष्ट कर डालो।भयमुक्त समाज करो अब तो,संतति अपनी सब पालो।यही कामना लेकर गीता,द्वार तुम्हारे…
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साहित्य
बस तू कह दे
चाँद से कह दूँ तेरी चौखट पे आया करे,तारों से कह दूँ तेरा ही नाम दोहराया करे।तेरी एक झलक के…
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साहित्य
शीतल बयार
शीतल बयार चली जब, महका सारा गाँव रे।तन-मन पुलकित हो उठा, सुख का मधुर प्रभाव रे। कलियाँ हँसकर खिल उठीं,…
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साहित्य
सद्व्यवहार
इस जीवन में शांति और सद्व्यवहार चाहिए।।अपने परिवार समाज में भी संस्कार चाहिए।।बड़ों का मान करें, छोटों से प्यार करें।हर…
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साहित्य
तिरंगा देता है संदेश
विधा : पद्य तिरंगा देता यह संदेश ,मत कर किसी से द्वेष ,लगा देशभक्ति का रेस ,हैं भारत के रत्न…
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साहित्य
महादेवी वर्मा : पाठ्यपुस्तक के पन्नों से जीवन की स्मृतियों तक
कुछ लेखक ऐसे होते हैं, जिनसे हमारा परिचय किसी साहित्यिक गोष्ठी या पुस्तकालय में नहीं, बल्कि स्कूल की पाठ्यपुस्तक के…
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साहित्य
राष्ट्रीय वन दिवस
वृक्ष एक मूक मित्र विधा – काव्य वृक्ष मनुष्य के मूक मित्र हैजीवन चक्रधारा के चलचित्र हैशान्तचित्त रहते सदा धरा…
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साहित्य
नारी चेतना की ज्योति — महादेवी वर्मा को नमन
सरल सहज शुभ्र सौम्य छवि,उज्ज्वल निर्मल गंभीर शांत,ममता-मूर्ति, करुणा-सरिता,हिंदी की अनुपम दिव्य कांत।कवयित्री, निबंधकार महान,कहानी में जीवन का स्पंदन,कोटि-कोटि नमन…
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साहित्य
महीने का बजट
महीने का बजट,नही बनाता हूं अबमन बहुत बैचेनी मे रहता है,मेरा अबबजट देखते ही ,मन विचलित है होताबेवजह की घर…
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साहित्य
बहुत करती असर, मां की दुआ है
सच, बहुत करती असर ,मां की दुआ हैकोई भी मुश्किल राहें नहीं रोक सकतीअगर मां का आशीर्वाद साथ होदुनियां में…
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