Vijay Kumar
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साहित्य
सुनो संताप वसुंधरा का,
सुनो संताप वसुंधरा का, पीड़ा उसकी पहचानो तुम,ममता की इस पावन धरती का, करुण क्रंदन जानो तुम। जिसने अन्न उगाया…
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साहित्य
हर तन-मन को योग जरूरी
हर तन- मन को है जरूरी योगतभी कर सकते हैं मानव जीवन काभोगआओ हम सब मिल करें योगरखे हमेशा काया…
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साहित्य
पिता हमारे आदर्श
पिता बेहद प्यार करता हैअपने बच्चों को बताता नहीं हैदिन-रात करता है मेहनत बच्चों की खातिरपर कभी किसी से जताता…
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साहित्य
है नमन् तुमको को
वीर शिरोमणि राणा प्रताप को ,सत सत नमन हमारा!स्वाभिमान और आजादी का था ,अनुपम लक्ष्य तुम्हरा!! तुम जैसे वीरों का,…
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साहित्य
आसमान थे पापा
वटवृक्ष से विशाल थे पापाहम बच्चों के संसार थे पापाहम सब उनके पत्ते और शाखाएं हैंधूप में शीतल छाया थे…
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साहित्य
जैसा था आज भी वैसा ही मिलूँगा
जीवों के प्रति दया व कृतज्ञता का भाव,धार्मिक प्रवृत्ति सज्जनता दिखलाती है,माया और कृतघ्नता में लिप्त भावनानरक में पहुँचाने का…
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साहित्य
सुरक्षा का डंडा
विषय- पुलिस का डंडाविधा- कविता खाकी वर्दी देश की शान है,इसी से होता कानून का सम्मान है lजब- जब होता…
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साहित्य
महाराज छत्रसाल के शौर्य को समर्पित रहा कल्प कथा मंजूषा मंच
सूर्यपाल नामदेव चँचल मंजूषा प्रशस्ति पत्रम से सम्मानित। प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित कल्पकथा साहित्य…
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साहित्य
भजन
कहीं धूप कहीं है छाया कहीं टुटा है मकानभगवान रे भगवान तेरी महिमा है महानकोई हंसता रोता किसिका टूटा है…
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साहित्य
महाराणा प्रताप
सूर्यवंश मे जन्मे बलिष्ठ कद काठी के क्षत्रिय वो मेवाड़ के राणा प्रताप थेमुगलों के दांत खट्टे कर दे ऐसे…
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