Vijay Kumar
-
साहित्य
निराशा हमारे जीवन में अभिशाप है
आलेख : निराशा अंधकार है, आशा प्रकाश। जिस प्रकार अंधकार में व्यक्ति को अपना ही हाथ नहीं सूझता, उसी प्रकार…
Read More » -
साहित्य
हिंदी भाषा पर साहित्यिक रचना
हिंदी हिंदी केवल भाषा नहीं, भारत की आत्मा का उद्गार है,इसकी हर अक्षर-माला में संस्कृति का अमिट संस्कार है।यह तुलसी…
Read More » -
साहित्य
जिंदगी के कुछ महत्वपूर्ण बातें।
लाखों करोड़ों धोखेबाज़ों के बीच में रहने से तो अच्छा है कि हम अकेले रहें, भूखा ही सही लेकिन हम…
Read More » -
साहित्य
जिंदगी के कुछ महत्वपूर्ण बातें।
लाखों करोड़ों धोखेबाज़ों के बीच में रहने से तो अच्छा है कि हम अकेले रहें, भूखा ही सही लेकिन हम…
Read More » -
साहित्य
हिंदी
विषय : हिंदीदिनांक : 12 सितंबर , 2026विधा : पद्यहिंदी प्रबल हिंद महान ,सदा प्रफुल्लित उद्यान ,हिंद हिंदू हिंदी पहचान…
Read More » -
साहित्य
बड़ी आरज़ू थी मुलाकात की
विधा – गज़ल बड़ी आरज़ू थी मुलाकात कीहसरत ही रह गयी दिल की बात कीबड़ी आरज़ू थी मुलाकात की अरमाँ…
Read More » -
साहित्य
चांद जैसी रोटी
चाँद जैसी रोटी चाहिए मुझे,गोल जैसीसाफ सुथरा एकदम धवल बर्फ जैसीजैसे चांद दिखता है,नीलगाय मेरोटी चाहिए मुझे ,बिल्कूल वैसी ही…
Read More » -
साहित्य
हिंदी भाषा,भारत माता
इंद्र धनुष का मुकुट पहनतीं, स्वर्ण आभा गज़ब समाही, अक्षर अक्षर मणी रत्न जड़ित श्री भारत माता छबी अजब हृदय…
Read More » -
साहित्य
बड़ी आरज़ू थी मुलाकात की
विधा – गज़ल बड़ी आरज़ू थी मुलाकात कीहसरत ही रह गयी दिल की बात कीबड़ी आरज़ू थी मुलाकात की अरमाँ…
Read More » -
साहित्य
गज़ल
एक तमन्ना होती है दिल में, एक चाहत जिंदा होती है मन मे, जागते सोते देखें जातें हैं कुछ सपने,…
Read More »







