Vijay Kumar
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साहित्य
क्यों भूल गया भगवान को
जगह जगह देखा हर जगह देखा और देखा जग जहांन कोदुनियाँ के चकाचौंध में वंदे क्यों भूल गाया भगवान कोअंत…
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साहित्य
योग बिना काया मैली
योग न खेती ऊपजै योग न हाट बिकायसाधक साधना से ब्रह्मकमल सा खिल जायनित नियमित योग है सब सुखों की…
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साहित्य
अनन्य-प्रेम
प्रेम से सींच लिया है अब शुक-मैना ने ये तन-मन।प्रेम ढोलकी बाज उठी,जिया धडकाए उच्छल-तरंग। बुद्धि है एक बाज शिकारी,…
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साहित्य
मन का आईना कोई काँच नहीं
मन का आईना कोई काँच नहीं,ये तो भीगी हुई एक ख़ामोश झील है,जिसमें हर एहसास लहर बनकर उठता है,और हर…
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साहित्य
नकुड़ सहारनपुर से रतलाम मध्य प्रदेश तक सुनील कुमार खुराना की आवाज
दिनांक 12/6/2026 को शब्द सिदिशा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच रतलाम मध्य प्रदेश के संस्थापक महोदय सतीश शिकारी जी के द्वारा…
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साहित्य
नवभारत वार्ता,भारत की बातडिजिटल दोनों महान हैं।
प्रिय डॉ गुण्डाल विजय कुमार जी जितने अच्छे कविउतने अच्छे संगीतकार भी हैं,नवभारत वार्ता,भारत की बातडिजिटल दोनों महान हैं। हिन्दी…
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साहित्य
मेल
चीखती आवाजें याद कराती है,कि जुल्म अभी जहां में जिंदा है।जाल में फंसी मछली सा इंसा है,मुखिया की जुबां पे…
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साहित्य
विकास की मरीचिका
ज्ञान, ध्यान के साक्षी तरुवर,इनका सब सत्कार करो!भूल न होवे इन हाँथों से,इनका मत संघार करो!! सुख,समृद्धि,शांति के कारक,इनसे ही…
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साहित्य
इश्क का मुकदमा
मैंने हर मोहब्बत की कहानी देखी है,कोर्ट कचहरी में बदलती ज़िंदगानी देखी है।वो जो उम्र भर साथ निभाने की बात…
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साहित्य
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और योग का महत्व
सर्वे भवन्तु सुखिन:,सर्वे सन्तु निरामया,सर्वे भद्राणि पष्यन्ति,मा कश्चिद दुख भागभवेत। सभी सुखी रहें। महर्षि पतंजलि का योग सूत्र “सहनाववतु, सहनी…
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