Vijay Kumar
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साहित्य
गजल
तुम्हारी याद की बारात ही दिल को लुभाते हैं,सबेरे की सुनहरी धूप से आँगन सजाते हैं। कभी जो दर्द मिलता…
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साहित्य
मां जी गई वह दुनिया,
मां जी गई वह दुनिया,जिसे जीते हैं सभी संत।मौत भी न पा पाईं,प्रेम का अंत,अनन्त। वह छण कैसा दुर्लभ होगा,प्रथक…
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साहित्य
सशक्त हस्ताक्षर का चतुर्थ वार्षिकोत्सव 10 मई को होगा
जबलपुर - संस्कारधानी जबलपुर की क्रियाशील साहित्य संस्था का चतुर्थ वार्षिकोत्सव समारोह दिनांक 10 मई 2026 को कलाविथीका रानी दुर्गावती…
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साहित्य
गुरुदेव का प्रकाश
शब्दों के जादूगर, भावों के ज्ञानी,गुरुदेव तुम थे भारत की कहानी।गीतों में गूँजी आत्मा की पुकार,तुमसे ही सजा साहित्य का…
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साहित्य
माँ
विधा- काव्य माँ- जीवन उसका सफल होता जहाँ माँ का वास होता हैअंगारों से तपती रूह को शीतलता का अहसास…
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साहित्य
आंखों में समन्दर
आंखों का समंदर कैसा अजीब समंदर हैयह ऐसा समंदर जिस नाप न सके कोई, ना इनका ओर न छोरहर बूंद…
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साहित्य
राष्ट्रगान के रचयिता, नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर
आओ सुनाएं गुरु टैगोर जी की कहानीसुनी थी जो मैं औरों की जुबानीएक महान भारतीय कवि, संगीतकार और समाज सुधारक…
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साहित्य
बिनु पद चलई सुनई बिनु काना।
बिनु पद चलई सुनई बिनु काना।कर बिनु करम ,कर ई विधि नाना।।आनन रहित सकल रस भोगी,।बिनु बानी बकता बड़ जोगी।।तन…
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साहित्य
दर्पण में दरार
दर्पण में जब पड़ी अचानक, इक गहरी-सी दरार,टूट गए कुछ स्वप्न पुराने, बिखर गया संसार। चेहरे तो सब वैसा ही…
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साहित्य
नवव्याहता के संग,वार्तालाप
विवाह बंधन के प्रथम दिवस में,पत्नी के संग थे एकांत वास मे,भ्रमण को निकले थे, उपवन मे,बसंती बयार लगी थी…
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