Vijay Kumar
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साहित्य
विश्व कविता दिवस
अर्क-कविता भावों का सम्मिश्रण है भावों का अकाल है हे कविता तुम्हे भाव चाहियेसृजनात्मक लगाव चाहिये भावों का अकाल हैमशीनी…
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साहित्य
विश्व कविता दिवस
लिख लिये दिल की बाते,जो भाव मेरे मन मे है आते,छंद,रस,अलंकार ना देखेंदोहा,मुक्तक,गजल ना सोचे। मात्रा,वर्ण, मापनी को छोड़े ,बस,मन…
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साहित्य
विश्व कविता दिवस
कविता के शब्दों में शक्ति है,भावनाओं का समंदर बहाती है।दिल की आवाज को शब्दों में ढालती,सबके दिलों को छू जाती…
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साहित्य
समय
भागदौड़ भरी जिंदगी में कुछ तो समय होगा इस चलायमान गति में कहीं तो विराम होगा तड़के की सफ़र निशा…
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साहित्य
उल्टी गिनती
मनुष्य को हर प्राणियों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है , क्योंकि मानव सबसे अधिक समझदार प्राणी है ।मनुष्य जन्म लेता…
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साहित्य
भावों की सरिता कविता
जब भी शब्द रूप ले बहती मन के भावों की सरिता है,अभिव्यक्ति को मायने देती विचारों की संयोजिता है,कोरा कागज़…
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साहित्य
भारत गौरव मानद सम्मान से अलंकृत हुए डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’
लखनऊ, उत्तर प्रदेश।प्रख्यात कवि, लेखक, साहित्यकार एवं भारतीय सेना से सेवानिवृत्त डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ (विद्यावाचस्पति) को काशी हिन्दी…
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साहित्य
आईनों के पार —एक नई शुरुआत
जी चाहता हैघर के सारे आईने तोड़ दूं,इनमें दिखता चेहराअब अपना सा नहीं लगता। हर अक्स मेंकुछ टूटा-सा, बिखरा-सा है,जैसे…
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साहित्य
लिपटकर साथ मेरे,
लिपटकर साथ मेरे, मेरे ही कर्म बोलते हैडर हूँ तब मैं जाता ;जब ऑख खोलते है।। तुमने देखा हुजूम मेरा…
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साहित्य
तुम ना, आए पिया,
तुम ना, आए पिया,रात कब ढल गई ।रात भर भी ना सोईऔर सुबह हो गई,,,,।। तुम ना,आए पिया,,रात कब डल…
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