Vijay Kumar
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साहित्य
इंसान की पहचान
लेखिका नीतू धाकड़ (अम्बर) पहचान करना ही तो कठिन है ,इन मुखौटों का।बाकी तो हुनर है इनका दिखाने का। रखते…
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साहित्य
स्कूल चलें हम
(दोहा छंद) आओ मिलकर हम चलें, स्कूल खुला है आज।पढ़ना- लिखना है हमें,उत्तम करना काज।।1।। सुंदर जीवन है मिला,उसको रखो…
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साहित्य
अगले पल को
रोको कोई आगे बढ़कर मानव के छल कोदेवभूमि क्यों उजड़ रही हर अगले पल को।। कल तक जहां प्रकृति की…
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साहित्य
भावों की सविता
हिंदी है मधुर वाणी, श्रृंगार-रस प्रेम जगाए,मातृभाषा अपनाकर, हास्य-रस मुस्काए। दीन-दुखी के आँसुओं में, करुणा का उजियारा,अन्याय पर उठती वाणी,…
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धर्म
गोस्वामी तुलसीदास सम्मान 2025″ से विभूषित हुए श्रीमद्जगद्गुरुनिम्बार्काचार्य विद्यावारिधि अतुल कुमार मिश्र जी महाराज
अमेठी, उत्तर प्रदेश।दिनांक 11–12 सितम्बर 2025 को अवधी साहित्य संस्थान, अमेठी (उत्तर प्रदेश, भारत) के तत्वावधान में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कवि…
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साहित्य
समाधि पाद
सूत्र-- ११ अनुभूतिविषयाऽसम्प्रमोषः स्मृति: ।अनुभूतविषयाऽसम्प्रमोषः= अनुभव किए हुए विषय का नाम छिपना अर्थात् प्रकट हो जाना; स्मृति:= स्मृति है ।अनुवाद–…
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साहित्य
पहरेदार
(आर. एस. लॉस्टम) पहरेदार बन बैठा है तिजोरी का चोर,हिसाब माँगता फिरता है, जो खुद हैबेईमान और घूसखोर। कल भी…
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साहित्य
हिन्दी
हिन्द का कोयल कुहूक रही है ,हिन्द का पपीहा डहक रही है ।चीख रहा अब यह हिन्द हमारा ,जयहिंद में…
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साहित्य
श्राद्धकर्म- पितृपक्ष
भादों मास की पूनम तिथि से,पन्द्रह दिवस समय जो आय।श्राद्ध और पितरों का तर्पण,करें सभी गृह, तीरथ जाय।। स्वयं करें…
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साहित्य
मृत्यु भोज उचित या अनुचित
“चला गया संसार छोड़कर जिसका पालन हारापड़ा चेतना हीन जहां पर वज्रपात दे मारा”मैं मृत्यु भोज को सार्थक और उचित…
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