Vijay Kumar
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साहित्य
रक्षाबंधन
चंदन वंदन पूजा थाली,लेकर तुम्हरे पास गई।हिय में केवल भातृ प्रेम,तुमसे मिलकर मैं धन्य हुई।। प्रेम डोर में बांध तुम्हे,तिलक…
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साहित्य
प्रभाती वंदन के साथ चंद दोहा मुक्तक
भाव भक्ति के संग में, करें ईष्ट का ध्यान।पावन प्यारी छवि लगे, सहज विष्णु भगवान मिलती अतिशय शांति है मन…
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साहित्य
भाई-बहन का रिश्ता
भाई-बहन का रिश्ता न्यारा,प्यार की बहती, निर्मल धारा। बचपन की वो मीठी बातें,हँसी-खुशी की हैं सौगातें। नोंकझोंक और हंसी-ठिठोली,प्यार तथा…
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साहित्य
राखी पर तुम आना भैया
रक्षाबंधन त्यौहार पर भैया तुमआना राखी बंधवाने भैया तुमतुम ना आए तो मैं दुःखी हो खूबरोऊंगीतेरी यादों को गले लगा…
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साहित्य
ललित कला और काव्य-कौमुदी
ललित कला है प्रवीणता,तो भावों का उद्गार है कविता,वैचारिक साधना है कविता,ईश्वर प्रदत्त उपहार है कविता। शृंगार, करुण, वीभत्स, वीर…
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साहित्य
रक्षाबंधन का धागा
सावन का महीना और रक्षाबंधन पास आ रहा था। बाजारों में राखियों की दुकानें सज गई थीं, पर मन्नू के…
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साहित्य
रक्षासूत्र
राखी के धागे में बँधा,केवल स्नेह का संसार नहीं,यह विश्वास की वह भाषा है,जिसका कोई विस्तार नहीं। बचपन की गलियों…
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साहित्य
रक्षाबंधन विशेष
“आया आया रे,पावन ,राखी का त्योहार।आया आया रे पावन,राखी का त्योहार। देखो देखो है,हरियाला सावन,खिले खिले हैं ,सबके मनफैली चारोंओर…
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साहित्य
रक्षाबंधन
प्रेम की सौगात लिए,आया पुनीत त्योहार।भ्राता बंधु अरु भगिनी का,होता प्रेम अपार।।निस्वार्थ भाव से बंधे हुए,है यह ऐसा प्रेम।प्रेम डोरी…
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साहित्य
कच्चे धागे का ये पक्का रिश्ता
कच्चे धागे का ये पक्का रिश्ता,राखी का त्योहार कहलाता है|सभ्यता संस्कृति का ये त्यौहार,हर बहन के मन को भाता है…
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