Vijay Kumar
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साहित्य
चंदअल्फाज
उस रोज जिंदगी में,तुमको भुला ना ,पाऊं।चाहे कुछ भी, सजा हो मेरीमैं तुमसे ना दूर ,जाऊं,,।।2उस रोज जिंदगी में,,,1 चाहे…
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साहित्य
पनिहारीन
कौन नगरी तू है,कौन डगरी,,,,,।2कौन नगरीतू है कौन डगरी,,, तूने मुझको नहीं बतायातेरा पता मुझेनहीं पायातू है कौन नगरीतू है…
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साहित्य
मेरा अंतिम सत्य, राम ।।
मन के सब तार टूटेतन बना खिलौना रे,आत्म ज्योति चेतन हुईपरम ज्योति लीन रे,,मन के सब तार टूटेतन बना खिलौना…
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साहित्य
परिधि
परिधि से से न थे बाहरन ही कहीं सीमा अतिक्रमण हुआवही हुआ जो था परिधि मेन हीविधान की अवहेलना हुईहमारे…
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साहित्य
स्वतंत्रता के महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह
आलेखः प्रस्तावना: 80 साल की उम्र में उन्होने तलवार उठाई थी।1857 की क्रांति का वर्ष। जब पूरा देश अंग्रेज़ों के…
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साहित्य
मातु वंदना
समय बड़ा अनमोल है, करना मत बेकार।बीता जीवन फिर कभी, मिलता नहीं उधार ।जो करता श्रमदान है,प्राप्त करें हर लक्ष्य,उस…
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साहित्य
हिन्दू अधर्म से डरते हैं |
हिन्दू अधर्म से डरते हैं |वे सोच सुपावन रखते हैं ||यह देश सभी धर्मों का है |सम्मान सभी का करते…
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साहित्य
इजहार
इजहार करना,सबसे कठिन रहा मेरावर्षो तक प्रयासरत रहा,मन मेरामालूम था सारी बाते,मुझे उनकीफिर भी मन,खामोशी मे रहा मेरा । भय…
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साहित्य
मेरा हर शब्द कविता है….
विषय- दर्दविधा- कविताशीर्षक- तो ही मैं फिर समझूँगी मेरे इस कुछ पल लिखने से,गर कोई सुकूँ को पाता है। इन्हे…
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साहित्य
सिंह कन्ध जो श्याम सलोने हैं
सिया, राम- लक्ष्मण संग वन मेंचलते थक कर विश्राम कर रहे थे,वटवृक्ष तले शीतल छाया में बैठे,रघुबीर अगले पथ के…
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