Vijay Kumar
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साहित्य
पर्यावरण
वृक्ष लगाओ ,जीवन बचाओ ।पर्यावरण को ,शेर बनाओ ।।पेड़ लगाकर ,भूल न जाना ।प्रदूषण संग में ,झूल न जाना ।।पर्यावरण…
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साहित्य
वादा रहा…
मेरे बुरे वक्त में जो साथ खड़ा रहा,आंधियों के बीच भी जो मेरा बना रहा।जब अपने भी मुझसे दूर होने…
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साहित्य
पर्यावरण सुरक्षित तो हम सुरक्षित..
विगत वर्ष की याद आई घटना,कैसा प्राणी संहार हुआ था।हैदराबाद की घटना स्मृति कर,द्रवित मन करुण भाव छुआ था।। कैसे…
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साहित्य
आओ चलें एक पेड़ लगायें
आओ चलें एक पेड़ लगाएँ,हरित धरा की ओर कदम बढ़ाएँ। जिस माँ ने हमें सर्वस्व दिया है,उस माँ को हर…
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साहित्य
मेरी अर्धागिनी
पत्नी केवल जीवन संगिनी नहीं,घर की धड़कन होती हैँ।अपने सपनो को पीछे रखकर,सब की खुशियों में खोती है सुबह सबेरे…
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साहित्य
पेड़ और हम
विश्व पर्यावरण दिवस यूँ जो मौन खड़े दिखते हो ,सबको खड़े बस एक जगह पर।सबकी साँसों में जीवन बन,हर पल…
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साहित्य
वृक्षारोपण करना है
वन विनाश को रोकना है,वृक्षारोपण करना है,वृक्ष से ही तो मिलते है,फल कंद मूल आदि,वृक्षों का तो है पहचान,फल फूल…
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साहित्य
वृक्ष की छाया मां ममता जैसी..
माता औ मातृभूमि का कैसे,हम उपकार भुला सकते हैं।दोनों से हमें मिला जीवन,गोदी में पल बढ़ हंसते हैं।। दे पय…
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साहित्य
बचा सको तो
हम सब के जीवन से,जंगल जा रहे है।बचा सको तो बचा लो।जंगल जा रहे है।न जाने क्यों,लोग उनके एहसान को…
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साहित्य
धरती का शृंगार करेविधा-कविता
विषय- वृक्षारोपण शीर्षक : वृक्षारोपण – धरती का शृंगार वृक्षारोपण पुण्य कर्म है,धरती का शृंगार करे।सूनी बंजर धरा कोहरियाली का…
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