Vijay Kumar
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साहित्य
नन्हे हाथों ने मिट्टी को जब प्यार से छुआ,
नन्हे हाथों ने मिट्टी को जब प्यार से छुआ,सूनी धरती का चेहरा फिर से खिल उठा,एक पौधे के संग उम्मीद…
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साहित्य
विषय विश्व पर्यावरण दिवस
पेड़ बचाओ पेड़ लगाओ हम सबको यह समझना है,तू तू मैं मैं मत करों साहेब हम सबको पेड़ लगाना है।गली…
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साहित्य
साइकिल
मेरे बच्चो मैं हूँ साइकिल रखना मुझे संभाल के,मुझसे तुमको क्या हैं फायदे, देखो कितने कमाल के। मुझे चलाने से…
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साहित्य
पर्यावरण दिवस
औपचारिकता मात्र है पर्यावरण पर कलम चलानाछदम सुख के लिए नदी तालाब जंगल खेत सबको ही है मिटाना इंसान की…
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साहित्य
पर्यावरण दिवस
कट रहे जंगल, सूख रही नदियाँ,साँसों में घुल रहा है ज़हर यहाँ।धरती माँ पूछे हमसे रोकर,बोलो क्या यही है विकास…
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साहित्य
(no title)
मानव से अब दानव बन गया है आदमी मानव से अब दानव बन गया है आदमी।अहंकारवश कितना तन गया है…
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साहित्य
विश्व पर्यावरण दिवस
विधा : लेख जिस प्रकार प्रकृति ने सृष्टि के द्वारा हमें जीवन दिया है , उसी प्रकार प्रकृति ने जीवन…
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साहित्य
एक वृक्ष माँ के नाम
माँ,तेरे आँचल की छाँव जैसीइस धरती पर और कहाँ मिलती है,तू खुद धूप में जलती रहती,पर सबको ठंडी छाया देती…
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साहित्य
प्रकृति पूजा
सदा प्रकृति की पूजा करके,पर्यावरण बचाएं!आने वाले कल को अपने,सुंदर सुलभ बनाएं!! स्वच्छ सलोने जग को अपना,अनुपम ठौर बनाएं!बहे विकास…
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साहित्य
हरियाली फैलाएँगे, पर्यावरण बचाएँगे
(कविता) पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है,मानव स्वास्थ्य खो रहा है।कूड़ा-कचरा धरा के गर्भ में गाड़ करमानव स्वयं विषाक्तता बो रहा…
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