Vijay Kumar
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साहित्य
पुस्तक समीक्षा – ‘युग स्वर’ : राष्ट्रचेतना और संस्कारों का काव्य-दीप
आदरणीय दादा चन्द्र प्रकाश गुप्ता ‘चन्द्र’ बुंदेला जी की काव्यकृति ‘युग स्वर’ विविध भावधाराओं से सिंचित ऐसी सार्थक रचना है,…
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साहित्य
सृजन शब्द – भक्ति
भ्रमर दोहा छंद गीत22 गुरु, 4 लघु मीरा की वो भक्ति है, ढुंढे रे गोपाल।आराध्या जो कृष्ण की, बेला(चंदन) सोहे…
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साहित्य
आजादी के दीवाने
हम आजाद देश के,है आजाद सिपाहीगुलामी हमे कभी,पसंद आयी ही नहीदेश को आजाद रखने वास्ते,हम सभीप्राण चले जाये से,झूके नही…
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साहित्य
स्वतंत्रता संग्राम संघर्ष
जंजीरें थीं पैरों में, पर हौसले संघर्ष करते थे,गोली की गूंज में, वंदे मातरम् स्वर गूंजते थे।1857 की चिंगारी, 1947…
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जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान
चौबीसो घंटे और रात – दिनगुण गान देश का तो करते हैं,नेता जी पर यही बता दो क्या,भारत की सीमायें…
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देश भक्ति
मनहरण घनाक्षरी(8-8-8-7 वर्ण) आन -मान शान- शक्ति,भाव प्यार देशभक्ति,परंपरा ज्ञान युक्त, गरिमा बढ़ाइए।देश भक्ति छंद गीत,रचें सभी कवि मीत,जन हित…
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साहित्य
ज़िन्दगी का आखिरी सच
मरने के बाद पता नहीं क्या ले कर जाऊंगा,जलाकर सब लौट जायेंगे और मै राख बन जाऊंगा।रोयेंगे कुछ पल घरवाले…
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साहित्य
जिनके त्याग से मिली स्वतंत्रता की साँस
आज हवा में जो आज़ादी है,वह यूँ ही नहीं आई है,इसकी हर एक साँस मेंकिसी वीर की कुर्बानी समाई है।किसी…
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साहित्य
अधरों पर ठहरा प्यार लिखूँ
सावन की झरती बूँदों में सिहरन का अहसास लिखूँ,या प्रेयसी के पाँवों में खनकती पायल की झंकार लिखूँ। कान्हा के…
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सावन में शिव की महिमा
सावन का पावन महीना है, शिव का जलाभिषेक करें।बेल पत्र चढ़ाएं उन पर,काम ये सब मिल नेक करें।। धरती की…
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