Vijay Kumar
-
साहित्य
एक देश भक्ति गीत
कितना प्यार, कितना सुंदर,हम सबका हिंदुस्तान है|सारे जग से यह निराला,यह भारत देश महान है|कितना प्यार कितना सुंदर.. लहर लहर…
Read More » -
साहित्य
महादेव
वो वैभव नहीं वैराग्य जीता हैवो अमृत नहीं जहर पिता हैवो घर व संसार में नहीं श्मशान मैं रहता हैअलख…
Read More » -
साहित्य
युवा – उड़ान
विधा : कविता संभल जाओ राष्ट्र के गद्दारों ,सुन ले अब खोल के कान ।पूरे न होंगे तेरे कोई मंसूबे…
Read More » -
साहित्य
दिल कि कसीस
आंखों में नमी और दिल में खुशियां, इस नज़ारे को क्या नाम दूं, जुबां से कहुं या आंखों से कहुं,…
Read More » -
साहित्य
लड़की से नारी, नारी से माँ तक का सफ़र
वह कभी एक नन्ही-सी लड़की थी,जिसकी आँखों में सपनों का आकाश था,हथेलियों पर तितलियाँ थीं,और मन में बेफिक्र बचपन का…
Read More » -
साहित्य
युवा शक्ति
सीने में सपने, आँखों में आस,दिल में हो कुछ कर गुजरने का विश्वास,राहें कठिन हों, कदम न रुकें,हौसलों के दीप…
Read More » -
साहित्य
व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई का साहित्य में योगदान
आलेखः हरिशंकर परसाई का जन्म 22 अगस्त 1922 को मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के जमानी गांव में हुआ था।…
Read More » -
साहित्य
साथी हाथ तू बढ़ाता चल,
साथी हाथ तू बढ़ाता चल,कदम से कदम मिलाकरसबको गले लगाता चल|साथी हाथ तू बढ़ाता चल.. सुख आएं या दुख जीवन…
Read More » -
साहित्य
आभार दिवस
जीवन हर दिन हर पल मे एक चुनौती हैसंघर्षों से भरा समय ही आपके परिपक्वता की कसौटी हैहर कसौटी पर…
Read More » -
साहित्य
ग़ज़ल 10
राह वही बस चाल नई है।मंज़िल की पड़ताल नई है। मांगें सालों – साल पुरानी,बस उनपर हड़ताल नई है। मुमकिन…
Read More »









