Vijay Kumar
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साहित्य
प्रभाती वंदन के साथ चंद दोहा मुक्तक
रिद्धि सिद्धि के नाथ हैं, सबसे अलग स्वरूप।विघ्न हरण मंगल करण, भरे ज्ञान का कूप।दिवस सहज बुधवार प्रिय, श्री गणपति…
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साहित्य
हर हर महादेव
भस्म रमाए, जटा में गंगा, चंद्र सुशोभित भाल,काल भी जिनसे काँप उठे, ऐसे हैं शंभु त्रिकाल। विष को पीकर जग…
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साहित्य
हरियाली अमावस्या की खुशियाँ
विधा-गीत सृजन मुखड़ा—हरियाली अमावस आई, धरती दुल्हन-सी मुस्काई।नीम, पीपल, बरगद झूमे, खुशियों की फुहारें लाई।। काली बदरी नभ में छाई,…
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साहित्य
दिल्ली की कथाकार पुनीता सिंह कल्प मंजूषा प्रशस्तिपत्रम से सम्मानित।
सुरों के संत डॉ लालमणि मिश्र को कल्प कथा मंजूषा मंच पर किया गया नमन प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी…
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साहित्य
तिरंगे की शान
वतन की ख़ाक में जन्नत का सिलसिला देखा,हर एक वीर के लहू में मैंने हौसला देखा। तिरंगा जब भी खुली…
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साहित्य
बिस्तर , बिछौना , बिछावन
विधा : पद्यसृष्टि नहीं आराम हेतु ,क्यूॅं ढूॅंढ़ते हो बिस्तर ।चलते रहो उलते रहो ,बिस्तर तो है दुष्कर ।।घनी अंधेरी…
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साहित्य
अलख जगाएँ
वसुधा को हम स्वर्ग बनाएँ,आओ मिलकर अलख जगाएँ!भाँति-भाँति के वृक्ष लगाकर,हम सब पर्यावरण बचाएँ!! पेड़ कभी कटने न पाए,होना भूस्खलन,…
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साहित्य
मेरा भारत महान
मेरा भारत महान इसकी अद्भुत मेरा भारत महान इसकी अद्भुत, इसकी शान,, लहर लहर लहराए तिरंगा गाय अपनी अद्भुत गाथा…
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साहित्य
हिमालय की गोद में
हिमालय की गोद में, शिव का सुंदर धाम,चाँदनी रात में गूँज रहा, भोलेनाथ का नाम। काले शिवलिंग पर जलधारा, श्रद्धा…
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साहित्य
सफ़र
सफ़र कभी नाम बन गया,कभी सफ़र काम बन गया।कभी सफ़र संगति बन गया,तो कभी-कभी सफ़र साथी बन गया। कभी राहों…
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