Vijay Kumar
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साहित्य
अमृत महोत्सव
हम सब हैं भारतवासी,भारतवर्ष हमारा !जननी जन्मभूमि अपनी,प्राणों से भी प्यारा !! मान नहीं हम जाने देंगे,दे देंगे हम जान!जीते…
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साहित्य
अंगदान दिवस
घनाक्षरी छंद अंग दान महा दान,काम है बड़ा महान।देके अंग दान दूजा,जीवन बचाइये।। मानते है काया माटी,बाद मृत्यु मिट जाती।अंग…
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साहित्य
फौजी की बिटिया
रस्ता देख रही है मुनिया कब आओगे घर पापाखेल खिलौने गुड्डा गुड़िया कब लाओगे घर पापा अम्मा गुमसुम हो जाती…
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साहित्य
नयन खोजते हैं
विधा : पद्य कहाॅं गए खुदीराम सुभाष ,कहाॅं गए आजाद तिलक ,कहाॅं खोए पड़े तात्या टोपे ,तुमको ये नयन खोजते…
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साहित्य
15 अगस्त: एक नई सुबह
15 अगस्त 1947 की,वह भोर निराली थीlजब भारत मां ने,आजादी की सांस,पहली बार संभाली थीl सदियों की बेड़ी टूटी,आजादी की…
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साहित्य
बादल से जमीं की फरियाद
प्यासी जमीं प्रेम के बादल से करती गुहारगुहार सुन प्रेम के बादल उमड़ -घूमड़ बरसताप्रेम का पावस रस से जमीं…
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साहित्य
भारत की पावन माटी
दिनांक : 13 अगस्त , 2026विधा : पद्यबेशक घर यहाॅं मड़ई टाटी ,मिलजुल रहने की परिपाटी ।बेशक गरीबी अथाह यहाॅं…
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साहित्य
दहलीज़ के उस पार
अक्सर दम तोड़ते देखा है,अपनी ही दहलीज़ पर दहलीज़ को। रात के सन्नाटे में भी लोगमुँह छुपाकर रोते हैं,यहाँ दिन…
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साहित्य
गुलशन का ग़ुलाब
जिस डाल के फुल पर माली की नजर नहीं पड़ी,इतराते हुए नाचे घड़ी घड़ी, उस डाली के फुल को माली…
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साहित्य
भारत माँ का मान
भारत माँ का मान बचाने, निकले वीर जवान,हँसते-हँसते शीश चढ़ाएँ, रखें देश की शान।सीमा पर दिन-रात खड़े हैं, बनकर दृढ़…
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