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  • नारी की उत्कंठा

    कहते नारी है लाचारी, यह कैसा अल्फ़ाज़ है?सुनती आई दुनिया से, पर मन में हुंकार का आगाज़ है।जब-जब धर्म-देश पर…

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  • विधि का विधान

    विधि की है निधिसृष्टि में जहां तकमानव दृष्टि है विस्तृतसीमाहीन ये जगत उसकी है माया।अनन्ता का अंतहीन जगतमानव सदियों ढूंढ…

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  • बांझ की पीड़ा

    सुहाना जब से नामकरण कार्यक्रम से लौटी थी तब से उसके कानों में बस एक ही बात गूंज रही थी…

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  • मोबाइल हमारा सच्चा यार

    मोबाइल हमारा सच्चा यार,दिन-रात बस उसी से प्यार।मम्मी बोले—“कुछ काम भी कर!”,हम बोले—“बस ये लेवल पार!” डाइट प्लान हर सोमवार…

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  • स्नेह रखा कीजिए बरकरार

    हे मनुज! हर बार स्नेह रखा कीजिए बरकरार।प्रत्येक कार्य को करने हेतु कीजिए स्वीकार।। हर किसी की प्रगति में आप…

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  • प्रकृति और संतुलन

    प्रकृति की गोद में जीवन का मधुर विस्तार,हर पत्ता, हर कण बोले संतुलन का सार।नदियाँ बहती शांत, सागर से मिल…

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  • गीत

    मेरे गीत का विषय गीतिका तुम ही हो।मेरी प्रेम कश्ति की खेवईया तुम ही हो।।पार लगा दो नाव गर प्यार…

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  • मेरी प्यारी दादी

    एक बात पूछता हूँ बताओ न दादी जी की याद मेरी आती नहीं,तुम मुझे क्यू अकेला छोड़ कर चली गई,तुम्हारे…

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  • जिंदगी की डगर

    जिंदगी है एक सफरइस डगर न जाने कल क्या होइस अनजान सफरवक्त का नहीं भरोसामन में तेरे तूफां उठान जाने…

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  • वो आखिरी सफर

    कितना सुंदर मंजर था, कितने हसीन वो पल थे,कल की फिक्र से दूर, खुशियों के कुछ कल थे। बड़ी मशक्कत…

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