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गजल
काफिया — आ की बंदिशरफ़ीद — रहे 2122—2122—2122–212=26आज क्या हम लोग सारे शांति मन में पा रहे।जी रहे जीवन कृत्रिम…
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क्या हुआ अगर थोड़ी ख़ामोशी रखो ।
क्या हुआ अगर थोड़ी ख़ामोशी रखो ।यू रिश्तों को ही कहने दो ।।खोल दो वो सारी गांठे ।ना खुद बंधों…
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डॉ धर्मवीर भारती प्रगतिशील लेखक
“चेक बुक हो पीली या लालदाम सिक्के हों या शोहरतकह दो उनसे जो खरीदने आए होतुम्हें हर भूखा आदमी बिकाऊ…
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मजदूर
विधा- दोहा मुक्तक कठिन परिश्रम कर सदा,पाले निज परिवार।शीत ताप वर्षा सहे,सँग मौसम की मार।भवन कारखाने सभी, करता है निर्माण,अन्न…
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मजदूर
करता हूं रोज़ मजदूरी,मेहनत करना मजबूरी।बहाता हूं खूब पसीना,मिलता जब कठिन निवाला।।जितना जब जो मिल जाता,उस में ही खुशियां मनाता।सदा…
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गुरु पूर्णिमा पर विशेष
गुरु ही ज्ञान ध्यान जब पूजा,गुरु श्रद्धा विश्वास ।जो गुरु के गुण गौरव जाने गोविंद उसके पास ।।।। गुरु बिना…
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रिश्तों की कसक
सृष्टि में मानव जीवन मूल्यवानकई धर्म के लोग रहना महानइसे भिन्नव में एकता शक्तिमानकुटुंब की तरह रहना आदर्शवान। कभी कभी…
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मजदूर आज का
क्या बाकई में मजदूर आज कातंगी बदहाली झेल रहा?क्या बाकई में मजदूर आज काशोषण का दुःख झेल रहा ? क्या?आज…
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राम की महिमा अपार
राम जिनका नाम है, अयोध्या जिनका धाम है।ऐसे धनुर्धारी श्री राम को, बारम्बार प्रणाम है।। जिस सागर को बिना सेतु,लांघ…
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मां का ऋण
मां तूने जन्म दिया तेरा ऋण कैसे चुकाऊं,नौ महीना कोख में रख हर पीड़ा को सहा,नन्ही कली आई आंगन में…
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