Uncategorized
-
समाधि पाद सूत्र– ३२*
तत्प्रतिषेधार्थमेकतत्वाभ्यासः । तत्प्रतिषेधार्थम्= उनको दूर करने के लिए; एकतत्वाभ्यास:= एक तत्व का अभ्यास {करना चाहिए} । अनुवाद– उन विघ्नों को…
Read More » -
समाधिपाद सूत्र–३१
दु:खदौर्मनस्याऽङ्गमेजयत्वश्वासप्रश्वासा विक्षेप सहभुवः । दुखदौर्मनस्याऽङ्गमेजयत्व श्वासप्रश्वासा:= दु:ख दौर्मनस्य, अंगमेजयत्व श्वास और प्रश्वास– ये पाँच विघ्न, विक्षेपसहभुवः= विक्षेपण के साथ-साथ होने…
Read More » -
गद्यसृजन (भावपल्लवन)
श्लोक:“संस्कारो हि मनुष्याणां श्रेष्ठतामापदस्यति।”(अर्थ: संस्कार ही मनुष्य को श्रेष्ठता प्रदान करते हैं।) यह श्लोक मानव जीवन में संस्कारों के महत्व…
Read More » -
हम राम के सेवक हैं
हम रघुनंदन के प्यारे, रघुवर राम के दुलारे,लक्ष्मण के जैसे सेवक हम, चरणों में जीवन सारे। नयन में राम की…
Read More » -
आओ मनाएं लोकतंत्र का पर्व
आओ हम मनाएं लोकतंत्र का पर्वपांच वर्ष कैसे बीत जाएगानिश्चित करेगा हमारा हमारा एक वोटदेखो संभल कर चलना हैसोच -समझकर…
Read More » -
चैंपियन बेटियां
शीर्षक – भारत की बेटियां हर खेल के मैदान पर,ये रचती इतिहास हैं,भारत की ये बेटियाँ,देश का विश्वास हैं। अडिग,अनमोल,सशक्त…
Read More » -
मेरा मध्यप्रदेश
कितना प्यार है मेरा देश,जिसका हर्दय है मध्यप्रदेश lयही हिंदू और मुस्लिमो की होती है होली,पहचान हमारी विविधता और भाषा…
Read More » -
एक पुरानी तस्वीर
विधा- कवितारचना- मेरे बचपन की तस्वीररचनाकार – नंदकिशोर गौतम (माध्य. शिक्षक) जिला सिवनी बड़ी निराली है मेरे बचपन की तस्वीर,कितनी…
Read More » -
नेता के नेवता
विधा : भोजपुरीचले के बा बिहान वोट देवे ,आईल बाटे नेता के नेवता ।पाॅंच साल सुखमय सुदृढ़ रहे ,समझ के…
Read More » -
सीमंतोन्नयन संस्कार
भारतीय संस्कृति में मनुष्य का जीवन केवल जैविक नहीं, बल्कि एक पवित्र, दैविक यात्रा माना गया है। जन्म, जीवन और…
Read More »









