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एकांत का सुकून
जब शब्द थक जाते हैंऔर दुनिया सवाल बन जाती है,तब एकांत की खिड़की सेहवा भीतर आती है। यहाँ न कोई…
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बंद दरवाज़े का नाम
पुरानी, सुनसान हवेली का दरवाज़ा जिस गड़गड़ाहट के साथ खुला, उसने पूरे गाँव की रीढ़ में जैसे डर की बर्फ़…
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अनकहे का सफ़र
एक सच है जो हर रात उतर आता है दिल में,उसकी परछाईं-सा कोई ठहर जाता है दिल में। अगर वह…
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जन्म-मृत्यु के बीच मूल्यवान है जीवन
जन्म-मृत्यु के बीच मूल्यवान है जीवन।तन-मन स्वस्थ हो तो धनवान है जीवन।। जन्म की पहली साँस से लेकर मृत्यु की…
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भागदौड़ शहर की
ऐ गांव तू क्या सोचे याद आता नहीं कभी,बचपन का घरौंदा,वो मां का आंचल मखमली,वो भाई बहनों की हंसी ठिठोली,वो…
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सशक्त हस्ताक्षर की काव्य गोष्ठी संपन्न
जबलपुर - सशक्त हस्ताक्षर की 44 वीं मासिक काव्य गोष्ठी भंवरताल गार्डन में,प्रकृति की प्राकृतिक सुषमा में सानंद सम्पन्न हुई…
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इस रिश्ते को क्या नाम दूं??
मौसम सुहाना था,पल भी अच्छा था,वक्त भी अनुकूल था मन मे भी सुकुन था,खुशीया चेहरे मे था,मायुसी तो कुछ नही…
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स्तोत्रम्
‘स्तूयतेऽनेनेति स्तोत्रम्’अर्थात्– ऋक् मन्त्रों के गान सहित जो देव स्तुति की जाती है उसे स्तोत्रम् कहते हैं ।। जिससे किसी…
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“मानवता के लिए ‘डॉक्टर अवार्ड’ से विभूषित पी.यादव ‘ओज’, अंतरराष्ट्रीय हिंदी चेतना शिखर–2026 समारोह में नालंदा विद्यापीठ द्वारा ‘विद्या वाचस्पति सम्मान’ से अलंकृत”
हिंदी भाषा,साहित्य,शिक्षा और मानवीय मूल्यों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रख्यात शिक्षाविद,साहित्यकार एवं समाजसेवी श्री पी. यादव ‘ओज’…
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वियोगः जीवन का अनकहा सच।।
हम जुड़ना सबसे चाहते हैं,सबसे मिलकर सदैव रहते हैं।हम यूं सब पर प्यार लुटाते हैं,भला कब वियोग को चाहते हैं।।…
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