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  • सुरंग, परछाइयाँ और पहला नाम

    लौटती हुई रातों के चेहरों के बीच,सुरंग के भीतर गंगाराम के सामने उभरी वह परछाईंधीरे-धीरे धुँध में घुलने लगी—जैसे उसका…

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  • यादों का बसेरा मेरा बचपन का घर

    यादों का बसेरा था, मेरा पुराना घर,जहां बचपन बीता,होकर निर्भय निडर। छोटी-छोटी यादों से,सजा हुआ था घर,काश वो लम्हा आता…

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  • पूण्य भारी पड़ रहा है: एक सत्य कथन

    ईश्वर की भक्ति, उपासना,भक्ति और पूजा पर आस्था,प्रभू पर आस्था व विश्वास,बन जाते हैं जीवन की आस। जी, हाँ! ‘पूण्य…

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  • कब आओगे मोहन

    कब आओगे मोहन अखियां तरस रही हैदरश को तेरे ये कब से बरस रही हैकहीं भूला तो ना दिया अपनी…

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  • चिड़िया

    छोटे बच्चों के लिए बालगीत आ रे चिड़िया आना चुन चुन कर खाना। जब होगी बारिश फुर्र से उड़ जाना।…

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  • विषम घड़ी

    कैसे ये विषम घड़ी है,सबको यहां अपनी पड़ी है। झूठ कर रहा अपमान सत्य कादेखो साथियों कुछ तो गड़बड़ी है।…

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  • रिश्ते के रास्ते

    रिश्ते के रास्ते चलो रे प्राणी ,निर्मल हृदय मृदुल ले वाणी ,सद्भाव मिले इस राह मानव ,श्वान सा मत बन…

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  • पहेली

    जिंदगी वह पहेली हैसुख दुःख की सहेली हैं।बे-तहाशा ठोकरें खाकर,ख़ुद को तराशने की जिद्द,आज चढ़ पढ़ी है।सब-कुछ छोड़ – छाड़ने…

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  • रिश्ते के रास्ते

    रिश्ते के रास्ते चलो रे प्राणी ,निर्मल हृदय मृदुल ले वाणी ,सद्भाव मिले इस राह मानव ,श्वान सा मत बन…

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  • नन्हा बचपन मेरा था

    जब उतरे आंगन में धूप,प्यार से मां मुझे जगाती ।घुटबन घुटबन मैं चलता था,काला टीका माथे पे लगाती।नन्हा बचपन मेरा…

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