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जलफाफ़े में प्रेम
लिफ़ाफे में बंद प्रेम,अब सरेआम हो गया।मन की पीड़ा, तन के कष्ट,पल भर में उजागर हो गया। अब चिट्ठी नहीं…
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बारह साल की उम्र
पुराना ज़माना प्यारा था,जब बारह साल की उम्र में।सबके दांत दूध का टूटता था,आज रहते हैं सब अपने मुड़ में।।…
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रचनात्मक पक्ष लेकर देश व समाज निर्माण के लिए पत्रकार कार्य करें – डॉ मुनेश्वर मिश्र
दिलीप त्रिपाठी भगवान राम के रामेश्वरम में लंका जाने के लिए सेतु निर्माण के कार्य में एक गिलहरी ने भी…
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सूर्यास्त
उदय काल में लाल था,अस्त काल भी लाल।एक रूप ही रवि रहें सुख-दुख दोनों काल।। १।। पडती किरणें सूर्य की ,जल भी…
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साहित्य हमें सदैव जागरूक बनाता है – प्रेमा राय
प्रयागराज ।साहित्य हमें सदैव जागरूक बनाता है और वह निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। साहित्य एक सच्चे मार्ग…
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समाधिपाद सूत्र– १९
भवप्रत्ययो विदेह प्रकृतिलयानाम् । विदेहप्रकृतिलयानाम्= विदेह और प्रकृतिलय योगियों का {उपर्युक्त योग}; भवप्रत्ययः= भवप्रत्यय कहलाता है । अनुवाद– विदेह और…
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मजबूत इरादे
सोच अगर पक्की हो कुछ भी कर सकते हो। इरादे मजबूत अगर दुनिया जीत सकते हो। पथ बाधाएं टकराएंगी, निराशा…
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समाधिपाद सूत्र– १८
विरामप्रत्ययाभ्यासपूर्वः संस्कार शेषोऽन्यः। विरामप्रत्ययभ्यासपूर्वः= विराम प्रत्यय का अभ्यास जिसकी-पूर्व अवस्था है और; संस्कारशेषः= जिसमें चित्त का स्वरूप ‘संस्कार’ मात्र ही…
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ममता मयी माँ
ममता मयी माँआज तक नहीं भूल पाती हूं,बोलती कलमवह चुंबन, वह आलिंगन, वह मुस्कानपिया संग विदा होते समयमां ने गले…
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समाधि पाद सूत्र- १७. ख
वितर्कविचारानन्दास्मिताऽनुगमात्सम्प्रज्ञातः । वितर्कविचारानन्दास्मितानुगमात्= वितर्क, विचार, आनंद और अस्मिता — इन चारों के सम्बन्ध से युक्त {चित्त वृत्ति का समाधान} सम्प्रज्ञात:=…
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