Uncategorized

  • कहानी- पिता का स्नेह

    एक गाँव में एक पिता अपने पुत्र के साथ जा रहा थे, अचानक रास्ते में बारिश तेज हो गई और…

    Read More »
  • शिव शक्ति

    आदित्य का रथ जब अस्ताचल जाता है,निशा के जादू से भुवन थम जाता है।हिरण सा चंचल मन शांत कहां होता…

    Read More »
  • जीवन एक संगीत है।

    जीवन एक संगीत है इसे मिलकर हम सब गुनगुनाते रहें।प्रत्येक पल परिश्रम करते हुए स्वयं उदाहरण बनते रहें।। जीवन की…

    Read More »
  • भविष्य की नींव

    बाहरी दुनिया से संवादगाँव ने अब केवल अपने भीतर सिमटकर रहना स्वीकार नहीं किया,बल्कि बाहरी दुनिया से जुड़ने की तैयारी…

    Read More »
  • पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब

    बचपन मेंजब हम धूल में लथपथगिल्ली-डंडा खेलते थे,और माँ दूर से आवाज़ देती थी—“बस करो अब, किताब खोलो…”तब दादा जी…

    Read More »
  • भाव ही जिंदगी

    बौद्धिक बल पर हुआ विकास।फिर भी जिंदगी क्यूं नहीं पास। बुद्धि तो साधन है,नहीं साधना।साधना भावमय एक अराधना। सद् बुद्धि…

    Read More »
  • ग़ज़ल – “इबादत की मुस्कान”

    – ओम कश्यप चाहतों पे हँसी लाना मेरी आदत है,टूटे दिलों को जोड़ देना ही इबादत है। किसी की आँख…

    Read More »
  • एक राष्ट्र–एक चुनाव

    संसदीय समिति की पहल और व्यापक विमर्शभारत में चुनावी सुधारों की चर्चा समय-समय पर होती रही है, किंतु “एक राष्ट्र–एक…

    Read More »
  • समाधि पाद – सूत्र-११

    अनुभूतिविषयाऽसम्प्रमोषः स्मृति: ।अनुभूतविषयाऽसम्प्रमोषः= अनुभव किए हुए विषय का नाम छिपना अर्थात् प्रकट हो जाना; स्मृति:= स्मृति है ।अनुवाद– अनुभव किए…

    Read More »
  • समय का तकाजा

    समय गर खराब हो भगवान भी धोखा देता हैअपने तो अपने खुद का साया भी साथ कहाँ देता है तकदीर…

    Read More »