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कवित् विचारथोड़ा हंस कर जी लें
बेवजह कि बातों को समझे और उसे पहचानते हुए रहना सिखो, मुस्कुराहट हि जीवन का मजबूत आधार है,अपनी खुशियों को…
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संबंध
सत्य पर रहे अटल… थे तुम सदा ही निश्छलसंबंध तभी निभेंमार्ग से हट कर छू लें तल। सत्य पर चलना…
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तुम्हारे बिना
ज़िंदगी से लड़ी हूँ तुम्हारे बिना,हर खुशी भी मिली है अधूरी-सी यहाँ। रास्ते तो बहुत थे, मगर दिल ने फिर,तुम्हारी…
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खुशियों का खजाना
खुशियों का खजाना मन में,मुस्कानों से भरता जाए।छोटी-छोटी नेकियों से,जीवन सुंदर होता जाए। धन-दौलत से क्या मिलता है,यदि मन में…
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लल्ला तुम्हें बुलाऊँ
उत्साहित मन सोच रहा ,कृष्ण कैसे मिलने आऊकैसे पहनूं,पायल मैंकैसे तुम्हे रिझाऊं।। कैसे कह दूं ,बात हृदय कीकैसे तुम्हें ,व्यथा…
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द्वितीय अंतरराष्ट्रीय दिव्य गंगा महोत्सव एवं साहित्यिक कुंभ में डॉ. बुशरा रहमान का मानद सम्मान
हरिद्वार। हरिद्वार में 29–30 अगस्त 2026 को आयोजित द्वितीय अंतरराष्ट्रीय दिव्य गंगा महोत्सव एवं साहित्यिक कुंभ का भव्य समापन हुआ।…
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कृष्ण मन
‘कृष्ण मन’————-द्वार पर भीगे नयन हैंअश्रु से गीले बयन हैंइस विदा का भार लेकर जा रहा हूँ ताल पर लय…
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क्यों रोया हिमालय
विषय – प्राकृतिक आपदा क्यों आज हिमालय रोया है,क्यों सन्नाटा छाया है,जिस धरती पर जीवन था,वहीं दर्द उतर आया है।…
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शब्दों की माला
विधा – कविता ये जीवन तो मेरे माधव ने दिया है,जिंदगी जीने का सहारा भी तुमने ही दिया है।इन खुली…
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मुक्तक(विशेषक)
छुपाते प्यार हैं दिल में छुपाते प्यार हैं दिल में, नहीं हमसे जताते हैं।हृदय में प्रेम कितना है, नहीं मुझको…
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