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बालिका को पढ़ने दो
बेटियों को पढ़ने दोजीवन उसका संवरने दोमत करो फर्क बेटा और बेटी मेंसमानता का अधिकार दोये फूल है सुंदर बगिया…
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पसंद करने और प्यार करने मे क्या अन्तर है
प्यार दिल और आत्मा से होता है पसंद के लिये ये जरूरी शर्त नही है । प्यार निस्वार्थ होता है…
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कच्छ की अस्मिता : विस्मृत इतिहास और लोकनायकों को स्मृति में लौटाती कृति
कानजी माहेश्वरी की पुस्तक इतिहास, संस्कृति, वीरता और सामाजिक समरसता के बहाने कच्छ की सामूहिक चेतना को समझने का प्रयास…
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कनक , स्वर्ण , सोना
सोने से तो पूरा घर भरा ,चैन की नींद सो न सका ।सोना छिना रात में सोना ,रोते रोते भी…
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रखवाला
मेरा एक वही तो रखवाला है ,जिनका अहंकार निवाला है ।देवों के देव शिव महाधिदेव ,भोले भंडारी शंभू निराला हैं…
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द्वितीय अंतरराष्ट्रीय दिव्य गंगा महोत्सव एवं साहित्यिक कुंभ में डॉ. गीतांजलि जैधे का मानद सम्मान
हरिद्वार। हरिद्वार में 29–30 अगस्त 2026 को आयोजित द्वितीय अंतरराष्ट्रीय दिव्य गंगा महोत्सव एवं साहित्यिक कुंभ का भव्य समापन हुआ।…
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अब आसमाँ में तारे नहीं दिखते
अब आसमाँ में तारे नहीं दिखते,वो ख़ूबसूरत नज़ारे नहीं दिखते। ध्रुव तारा, सप्त तारे तारों के बीच,तेरे नाना, मेरे दादा—सारे…
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नन्ही-सी मुस्कान में
नन्ही-सी मुस्कान में, संसार समाया है,माखन-सी मासूमियत ने मन को रिझाया है। मोरपंख सिर पर, अधरों पर मधुर मुस्कान,हाथों में…
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राधा-कान्हा प्रेम कहानी
बरसाने की गली सजी हैं, राधा का है रंग।मधुर तान मुरली की गूंजी, कृष्ण प्रीत के संग। राधा की चितवन…
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सांस्कृतिक पुनर्जागरण
वे हिंदू हिंदू करते रहते हैं,पर हिंदी लिखना भूल गये,गाँधी को भी गाली देते हैं,जो दुनिया के सम्मानित हैं। खादी…
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