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ग़ज़ल
वास्ते राह के मंद हैं इन दिनों।सिलसिले प्यार के बंद हैं इन दिनों। जो जिए रोज ख़ुद में ख़ुशी और…
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जग को रोशन करने वाले
जग को रोशन करने वालेखुद सूरज बन जाना तुम,टूटे मन के सूने घर में,आशा दीप जलाना तुम।। जग को रोशन…
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लिव -इन रिलेशनशिप क्या है?इससे नई पीढ़ी को कैसे बचा सकते हैं?
लिव -इन रिलेशनशिप एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें दो लोग जिनका विवाह नहीं हुआ है लेकिन एक साथ रहते हैं…
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शिकंजा कसना( लघुकथा
श्रेयांश ओ श्रेयांश बेटा! जब भी मैं तुम्हें बुलाता हूं…तुम सुनते ही नहीं? हर वक्त मोबाइल फोन में दोस्तों फिजूल…
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परम तत्व: प्रेम
प्रेम ही प्रतिलिपि मेरी, प्रेम ही अनंत विचार,प्रेम के भूखा मैं दर-दर भटका, प्रेम तो पूरा संसार। अंतर के शून्य…
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अष्टभुजा अवतार
सुबह जल्दी उठकर काम निपटाती है सारे,बाऊ जी का गर्म पानी अम्मा की फिर चाय बनानी ।घर में पहले लगाऊं…
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रामायण और वर्तमान समय
हां आज मैं अपने अल्फ़ाज़ जो हमारे धार्मिक भावनाओं में सृजित रामायण को वर्तमान जीवन के पैमानों पर उतरने का…
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मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम
रूप अनेक धरे तुमने, पर सबसे मोहक रूप-- दशरथ नंदन बन तुम आए, हृदय बसहु सुर भूप। भारत भूमि धन्य…
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श्रीनिम्बार्क सत्संग – नई दिल्लीनई दिल्ली में आयोजित श्रीनिम्बार्क सत्संग के पावन अवसर पर स्वदेशी चेतना, सांस्कृतिक संरक्षण एवं राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता पर विशेष उद्बोधन प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर परम पूज्यश्रीमद् जगद्गुरु निम्बार्काचार्य विद्यावारिधि अतुल कुमार मिश्र जी महाराजपीठाधीश्वर – श्रीनिम्बार्क पीठसंरक्षक – श्रीनिम्बार्क सेवा संस्थान…
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समान कानून__सिविल संहिता
ईश्वर ने एकात्म दृष्टि से,मानव का निमार्ण किया।सभी जनों को एक भाव से,यथा_उचित ,अनुदान दिया।। हवा चल रही सदा_सदा से,सबको…
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