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  • मेरी भाषा मेरा अभिमान

    कविता रविवारीय प्रतियोगिता हेतु कविता“””””””””””””””””””””””””””विषय – मेरी भाषा मेरा अभिमान मधुर ध्वनि से गीत कोई गुंजन करता है,जब जब मन…

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  • कलयुग का खुदा

    बेशर्म सी जिंदगी बेशर्म इंसान हैछाती पर चढ़ा उसका बद ईमान है पैसे की भूख मे जमीर से खुद के…

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  • मोल नहीं जिनका अंजुलि भर था

    कितने घातों प्रतिघातों से गुजरा,पर विह्वहल कातर ना कभी हुआ,मुग़लों अंग्रेजों से बाज भेड़िये आये,खूनी खेल खेल कर भारत लूटा।…

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  • जल-प्रलय/सैलाब

    जल ने जब विकराल रूप धर, मचाया हाहाकार,डूब रहें हैं घर गाँव सभी, बहता रहा संसार।प्रकृति से छेड़छाड़ नतीजा, इंसान…

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  • यह समाज और गजानन

    इस पूरे समाज को देख मन आहत हैप्रभु सिर्फ इतनी सी चाहत हैयादि कोई व्यक्ति अनजानें में भूल करेतो गजानन…

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  • आईना भी झूठा है

    आईना भी झूठा है,वो भी झूठी बातें करता है,चेहरे की हक़ीक़त दिखाकरदिल की सच्चाई से पर्दा करता है। वो तो…

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  • हांकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी

    हॉकी के जादूगर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद की राजपूत घराने में हुआ था। इनके पिता का…

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  • भविष्य का शिक्षक कैसा होगा?

    विधा- कवितामौलिक रचना भविष्य का शिक्षक ज्ञान का दीप जलाएगा,हर बच्चे के सपनों को पंख लगाएगा। तकनीक के संग शिक्षा…

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  • उम्र के सुहाने दिन

    कब दिन निकला,कब सूरज ढला,कब रात हुई पता ही नहीं चला, साल के ये तीन सो पेंसठ दिन,जागे भागे किस…

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  • जैन पर्व रक्षाबंधन

    नहीं केवल कलाई पर बंधा, येप्रेम का धागा है,इसमें तप की शक्ति बसी संयम का अनुरागा है।जहाँ धर्म संकट में हो औरश्रमण संस्कृति पर उपसर्ग,वहाँ रक्षा कर स्वयं धर्म बचानेवाला बड़भागा है। वन की नीरवता में जब, तप की धुन बजती थी,मौन अधरों पर आत्मा की, निर्मल ज्योति सजती थी,अकंपनाचार्य…

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