Uncategorized
-
माँ माँ होती है
माँ माँ होती है,माँ अनुपमेय होती है।माँ ममता की सागर होती है।प्रेम वात्सल्य की कभी रिक्तन होने वाली गागर होती…
Read More » -
लिखना क्या है तुम्हारे लिए…
डूबते को तिनके का सहारा जैसे,किसी समंदर का किनारा जैसे। मेरी नाव का वो दरिया जैसे,मेरी बातें बयां करने का…
Read More » -
मानस संदेश साधु चरित।।
साधुचरित सु भ चरित् कपासू।निरस विसद गुनमय फल जासू।।जो सही दुख परछि द्र दुरावा।वंदनीय जेही जग यस पावा।।बंदउं संत समान…
Read More » -
कवि डॉ. नीरज चौधरी “नीर” हुए संस्कारधानी जबलपुर में सम्मानित
संस्कारधानी जबलपुर में चतुर्थ वार्षिकउत्सव के अवसर पर कवि संगम त्रिपाठी जी संस्थापक हिंदी प्रचारिणी सभा एवंसशक्त हस्ताक्षर के संस्थापक…
Read More » -
भावनात्मकता का क्षय
मानव जीवन में तीव्रगति से भावनात्मकता हुआ क्षय।बौद्धिक संघर्ष में हर मानव डूब गया एक अज्ञात भय।युवा में भाव साकारात्मकता…
Read More » -
सशक्त साहित्य सेवा सम्मान 2026
जबलपुर : लोक संचेतना फाउंडेशन के अंतर्गत सशक्त हस्ताक्षर के चतुर्थ वार्षिक उत्सव के अवसर पर राष्ट्रीय स्तर के भव्य…
Read More » -
सशक्त हस्ताक्षर का चतुर्थ वार्षिकोत्सव समारोह संपन्न – कवि संगम त्रिपाठी
जबलपुर - सशक्त हस्ताक्षर का चतुर्थ वार्षिक कार्यक्रम बड़ी दिव्यता-भव्यता के साथ कला वीथिका में हर्ष व उल्लास के साथ…
Read More » -
मन की उलझन से तेरी ग़ज़ल तक
आज मन ने कहा कुछ लिखूं,पर ठहरा कलम, कि क्या लिखूं।शब्द खड़े थे खामोश से,सोचूं किस पर, और क्यों लिखूं।…
Read More » -
हनुमान
हिंदू धर्म केशक्तिमान होता हैहनुमान जी। राम परमभक्त है हनुमानवे शक्तिमान। सीता राम केसेवक बनता हैहनुमान जी। शक्ति धैर्य केप्रत्यक्ष…
Read More » -
कुदरत
शायर करता है तारीफ हुस्न की… माशूक ने कर दी तारीफ माशूका की… न आने कितनों ने की तारीफ किसी…
Read More »








