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उम्र
सौंदर्य झरता रहाउम्र ठहरी नहीं ..ज़िंदगी पैरों मेंकील सी चुभती रही … एक अरसा दुःख सुख में ख़ुशी ढूंढ़ते ही…
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कल्पकथा सम्मान समारोह अगस्त २०२६ में विजय रघुनाथराव डांगे को कल्प शिल्प विभूषण एवं शोभा प्रसाद को कल्प सृजन कौशल सम्राट सम्मान
जहाँ साधना का सम्मान होता है, वहीं सृजन की नई पीढ़ी को दिशा मिलती है कल्पकथा इसी संकल्प का साहित्यिक…
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हिंदी साहित्य के सजग शिल्पी : आचार्य शिवपूजन सहाय
जयंती विशेष हिंदी साहित्य की विकास-यात्रा में कुछ व्यक्तित्व ऐसे हैं, जिनका योगदान केवल अपनी रचनाओं तक सीमित नहीं रहा,…
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सनातन और योग
सनातन एक धर्म नहीं अपितु एक जीवन जीने की सभ्यता संस्कृति विधा है जिसमें एक काल था जब पूरा संसार…
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रवीन्द्रनाथ ठाकुर : युगद्रष्टा रचनाकार
रवीन्द्रनाथ ठाकुर केवल एक कवि नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के ऐसे युगद्रष्टा रचनाकार थे, जिन्होंने शब्दों को संवेदना, विचार और…
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आदिवासी—माटी की आवाज़
माटी की ख़ुशबू में जिनका,सदियों से संसार बसा,जंगल जिनका अपना आँगन,नदियों में जिनका प्यार बसा। धरती माँ की गोद सँभाली,प्रकृति…
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कविता
कल किसी नये मेहमान से मुलाकात हो गई, दो पलों में हि दिल की बात हो गई, कुछ उसने सुनाई…
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प्रभाती वंदन के साथ चंद मुक्तक
नैतिकता की परिभाषाएंँ, जग में सबकी अपनी-अपनी।कर्मों का फल सबको मिलता,जैसी जिसकी होती करनी।निश्छल भावों से जो रहता,भोले उस पर…
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सावन की बहार
दामिनी चमके मेघा गरजे,झूम झूम के बहे पुरवाई!रिमझिम रिमझिम बरसे सावन,हर्षित मन पुलकित तन भाई!! सावन की बहार है आई!…
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सावन का महीना
काले-काले बादल आए, लेकर शीतल पवन,धरती की प्यास बुझाने, बरसा रिमझिम सावन।मिट्टी से उठी खुशबू, मन को बहुत सुहाती है,पेड़ों…
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