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ग़ज़ल
बात थोड़ी आपकी भाती तो है।कुछ कवायद सच नज़र आती तो है। क्या हुआ वो पेड़ जिस पर फल नहीं,बैठकर…
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प्यार काहे बनाया राम ने…
मनुष्य के जीवन में यदि कोई भावना सबसे अधिक सुंदर, रहस्यमयी और शक्तिशाली है, तो वह है प्यार अर्थात् प्रेम।…
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गुजरता हुआ वक्त
सच, गुजरा हुआ वक्त, कितना तेज़ी से जाता हैकुछ एहसास, कुछ यादें, और रिश्तो की मिठासदेकर मन को आह्लादित कर…
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जीना भूल गए हैं हम
धुआं -धुंआ सा है ये ज़िन्दगीकहीं छांव तो कहीं धूप है ये ज़िन्दगीसच ज़िंदगी की इस भागमभाग की दौड़ मेंकहां…
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अतरंगी शायरी
नाराज होकर तुमसे मुझे क्या मिलेगा और नाराज होकर मुझसे तुम्हें क्या मिलेगा। थोड़ी सी खून के आंसू तुम बहाओगी…
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गीत
तपती धरती बाट निहारे, घिर आओ घनश्याम।सूने नभ में आस जगी है, लेकर तेरा नाम॥ खेत बाग वन धरती सूखी…
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कसम से जीत जाऊंगा
ढूंढ़ रहा हूँ खुद को,पता नहीं कहाँ हूँ मैं।जिस दिन खुद से मिल जाऊँगा,कसम से जीत जाऊँगा॥ आग लगी तो…
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रात की बारिश
रात की बारिश में जब घर की छत टपकती रही,माँ की यादों की कोई चादर सिसकती रही। बंद कमरों में…
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संत कबीरदास के ज्ञानमार्ग, कटु सत्य अमृतवाणी और वर्तमान में उसकी प्रासंगिकता
आलेखः “पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय। ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय॥” 600 साल…
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बाल कहानी – चंचल गौरैयाइंजी. रघुराज सिंह कर्मयोगी
चंचल, काफी चुलबुली गौरैया थी। इधर उधर फुदककती फिरती थी। रामू ,श्यामू दो सगे भाई थे। वह दोनों भाइयों के…
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