
स्वतन्त्रता के बाद भारत में,
उत्तम शासन व्यवस्था कैसे चले ?
देश की कानून व्यवस्था,
उत्तम कसौटी पर कैसे ढले ?
इन प्रश्नों के सटीक उत्तर,
जब किसी को नहीं सूझता था |
इस विषम परिस्थिति से,
छुटकारा पाने को हर एक नेता जूझता था ||
जब देश की आंतरिक व्यवस्था,
भ्रमित होकर तुली थी होने को बर्बाद |
तब बाबा साहब ने संविधान बनाकर,
स्वतंत्र भारत के जन -जन को किया आबाद ||
रंग,जाति, धर्म, वर्ग का भेद मिटा,
दूर किया समाज से घृणित विकार |
स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री बन,
दिया सभी को समान अधिकार ||
बनाकर गौरवपूर्ण इतिहास दुष्टों का दम्भ तोड़ दिया,
देश हित अवरुद्ध मार्ग को उन्नति की ओर मोड़ दिया |
मानव संकुचित विचारधारा की गगरी जब फोड़ दिया,
तब जाकर 6 दिसम्बर 1956 में इस भू-लोक को छोड़ दिया ||
स्वरचित एवं मौलिक कविता
आशीष कुमार













