Uncategorized
Trending

ग़ज़ल


बात थोड़ी आपकी भाती तो है।
कुछ कवायद सच नज़र आती तो है।

क्या हुआ वो पेड़ जिस पर फल नहीं,
बैठकर कोयल वहाँ गाती तो है।

इस शहर से उस शहर को जोड़ने,
गाँव से होकर सड़क जाती तो है।

चाहतों का हो न हो चाहे असर,
देर मेंहदी रंग दिखलाती तो है।

हो भले ही चाँद बादल में छुपा,
आसमाँ पर रोशनी छाती तो है।

लाख उसको भूलने की सोच लें,
वो अदा फिर सामने आती तो है।

नवीन माथुर पंचोली

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *