
विधा- कविता
गुरु बिन ज्ञान कभी नहीं आता,
ज्ञान बिन जीवन में कोई सम्मान नहीं पाता।
गुरु की लीला होतीं हैं अपार,
इन्हे पाकर हम सब का होता है उधार।।
गुरु बिन ज्ञान नहीं……
जीवन में उजियारा तब आता है,
जब गुरुओं का मानव सानिध्य पाता है।
तब मानव को ज्ञान का मार्ग मिल जाता है,
और सबका जीवन धन्य हो जाता है ll
गुरु बिन ज्ञान नही……
गुरु बिन ज्ञान नही,
जीवन का कोई मान नही ।
मात-पिता गुरु की वंदना ही,
ईश्वर तक पहुँचने का मार्ग सही।।
गुरु बिन ज्ञान नही…..
गुरु मन की पीड़ा हर लेते,
जीवन को सरल कर देते।
जब तक रही गुरुओं से दूरी,
रह जाती मन की मुराद अधूरी।।
गुरु बिन ज्ञान नही….
रचनाकार- नंदकिशोर गौतम
माध्यमिक शिक्षक
शास. उच्च. माध्यमिक विद्यालय बकोड़ी, ब्लॉक कुरई, जिला सिवनी म. प्र.
पिन कोड 480771,













