
गुरु ज्ञान का दीप है, मिटाए मन का अंधकार,
सत्य की राह दिखाता है, मिटाए मन के विकार।
अक्षर-अक्षर ज्ञान देकर, देते हैं बच्चों को संस्कार,
पढ़ा-लिखाकर करते हैं, समाज का उद्धार।
धर्म-कर्म से जीवन में, आते नए विचार,
ज्ञान की ज्योत जलाकर, देते जीवन को आधार।
बच्चों के जीवन को, शिक्षक देते आधार,
सत्य पथ पर चलना सिखाते, करते हैं उपकार।
अज्ञान मिटाकर ज्ञान की, जगाते नई बहार,
गुरु के चरणों में सदा, रहे हमारा प्यार।
हर मुश्किल में राह दिखाएँ, बनकर सच्चे यार,
गुरु के आशीष से जीवन, हो सुखमय संसार।
शिक्षा देकर राष्ट्र की, बढ़ाते हैं सम्मान,
गुरु के कारण ही सदा, ऊँचा रहे इंसान।
स्वरचित पंक्तियां
प्रतिभा दिनेश कर
विकासखण्ड सरायपाली













