
हे माँ कात्यायनी दूर करों मेरी परेशानी क्योंकि तूं हीं जग जननी है।
आपकी कृपा सब पर है माँ मुझ पर भी करों माँ तूं हीं जगतारणी है।।
तुम पर आस लगाए बैठा हूँ माँ क्योंकि तूं हीं माँ भवतारणी है।
मेरी आशा को कभी निराश मत होने देना क्योंकि तूं हीं माँ भवानी है।
तेरे द्वार पर मैं आया हूँ दूर करने अपनी परेशानी हे माँ।।
तेरे द्वार से तभी जाऊंगा जब दूर होगा मेरी परेशानी है माँ।
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,













