
एक शेर मोहब्बत में तुम भी लिखना
आंसू भरीहो आंखें फिर भी लिखना।
यादों की छाँव में बीता हर एक पल,
होठों पर हो ख़ामोशी फिर भी लिखना।
एक शेर मोहब्बत में तुम भी लिखना
टूटे हों सपने फिर भी लिखना।
साँझ ढले जब मन तन्हा बैठे,
धड़कनों की तब भाषा लिखना।।
एक शेर मोहब्बत में तुम भी लिखना
होठों पर ख़ामोशी फिर भी लिखना।
चाँदनी रात में जब जागे अरमान,
प्रेम की हर अभिलाषा लिखना
एक शेर मोहब्बत में तुम भी लिखना
आंखों से बहे आंसू फिर भी लिखना
दिन कैसे बिताया और कैसे बीती रैना
दिल में हो चाहत कठिन ना लिखना
पुष्पा पाठक छतरपुर मध्य प्रदेश













