
छोड़कर सारे काम मैं आया तेरे धाम
मेरे राम मेरे राम मेरे राम मेरे राम
तूं हीं पार लगाएगा मेरे जीवन के नांव
मेरे राम मेरे राम मेरे राम मेरे राम
क्या जीना क्या मरना है क्या मानव तन बदलना है
जो भी हूँ जैसा भी हूँ राम अब तो तेरी शरण में रहना है
तोड़कर मोहमाया के जंजीर मैं आया तेरे धाम
मेरे राम मेरे राम मेरे राम मेरे राम
जन्म मरण से मुक्ति दे दो इतनी सी है विनती राम
क्या लाख चौरासी भटकेंगे बस अपनी शरण में रख राम
मानव तन से ज्यादा अब न देना तन कोई राम
मेरे राम मेरे राम मेरे राम मेरे राम
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,













